इटावा में गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत:प्रशासन ने परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी

इटावा में खेत में बने जलभरावयुक्त गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मृतक बच्चों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की है। मौत के मामले में शासन के निर्देशानुसार दैवीय आपदा राहत मद से दोनों परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। मा मामला बसरेहर थाना क्षेत्र के ग्राम कृपालपुर, मौजा अमृतपुर में 1 जून को खेत में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मनीषा(10) पुत्री राजकुमार और प्रियांशु(08) पुत्र मनोज की मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक राजस्व एवं प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कराई थी।
प्रकरण की जांच और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शासन द्वारा निर्धारित मानकों के तहत दोनों मृतक बच्चों के आश्रित परिवारों को बुधवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। इटावा सदर की विधायक श्रीमती सरिता भदौरिया ने शोक संतप्त परिवारों को राहत सहायता के चेक वितरित किए। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहायता और सहयोग का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी सदर विक्रम सिंह राघव सहित राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। इटावा जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वर्षा ऋतु और जलभराव के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है। खेतों में बने गड्ढों, तालाबों, नहरों, जलाशयों और अन्य जलभराव वाले स्थानों के आसपास बच्चों को अकेले न जाने दिया जाए। साथ ही संभावित जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जिला प्रशासन ने किसी भी आपदा, दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने और सहायता प्राप्त करने के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05688-250077, 05688-297204 तथा टोल फ्री हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करने की अपील भी की है।

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