हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र में दो भाई-बहन के अपहरण और हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस घटना के मुख्य आरोपी संजीत कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है, जो ओला शोरूम में कार्यरत था। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और एक प्लास्टिक का बोरा भी बरामद किया गया है। हजारीबाग एसपी अमन कुमार के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। बच्ची द्वारा विरोध करने और शोर मचाने पर उसने उसका गला घोंटकर और पानी में डुबोकर हत्या कर दी। पुलिस ने शहर से भागने के क्रम में दबोचा साक्ष्य छुपाने के लिए उसने बच्ची के मासूम भाई की भी गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में डालकर कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को शहर से भागने के क्रम में दबोच लिया। यह घटना 30 मई को सामने आई, जब ओला शोरूम के पास से 11 वर्षीय बच्ची और उसके 3 वर्षीय भाई के लापता होने की शिकायत उनके पिता मो. आमिर ने दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटकमदाग थाना में कांड संख्या 90/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी संजीत पासवान दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर ले गया था। दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर स्कूटी से ले गया था 31 मई को कोरा थाना क्षेत्र के सिन्दुर स्थित श्मशान घाट से 11 वर्षीय बच्ची का शव बरामद हुआ। इसके बाद सघन तलाशी अभियान चलाकर श्मशान घाट से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएं से 3 वर्षीय भाई का शव भी मिला। दोनों शवों का मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया गया। गिरफ्तार आरोपी संजीत पासवान ने पुलिस पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि मृतका पिछले दो महीनों से ओला शोरूम के पास आती-जाती थी, जिससे उसकी पहचान हो गई थी। 27 मई को वह दोनों बच्चों को बहला-फुसलाकर अपनी स्कूटी पर सिन्दुर श्मशान घाट ले गया था और वहीं उनकी हत्या कर दी।


