RBI Gold Reserve: देश के सोने के भंडार को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही चर्चाओं पर भारतीय रिजर्व बैंक ने आखिरकार अपना बयान दे दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि उसके सोने के भंडार में कोई कमी नहीं आई है और सोना बेचने की खबरें सही नहीं हैं। दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले असर से बचने के लिए RBI ने करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। इन खबरों के सामने आने के बाद मार्केट में कई तरह के सवाल उठने लगे थे।
RBI के पास है 880.52 टन सोना
RBI ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि ऐसी रिपोर्ट्स तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। केंद्रीय बैंक के अनुसार उसके पास मौजूद भौतिक सोने का भंडार फिलहाल 880.52 टन है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। RBI ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के मामलों में केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट और प्रकाशित दस्तावेजों पर ही भरोसा करें।
PIB ने भी किया फैक्ट चेक
सोना बेचने की खबरों को लेकर सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने सोशल मीडिया पर फैक्ट चेक जारी करते हुए कहा कि RBI द्वारा बड़े पैमाने पर सोना बेचने का दावा फर्जी है। PIB ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक के आंकड़े इस दावे की पुष्टि नहीं करते।
देश के खजाने में बढ़ी है सोने की हिस्सेदारी
दिलचस्प बात यह है कि हाल के महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ी है। RBI के अनुसार सितंबर 2025 के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 13.92 प्रतिशत थी। यह मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई और 22 मई 2026 तक यह 16.85 प्रतिशत पर पहुंच गई।
सोने को लेकर क्या आई थीं रिपोर्ट्स
यह पूरा विवाद एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ था। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि 22 मई तक के दो सप्ताह के दौरान RBI ने करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचा होगा और साथ ही 7.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां खरीदी होंगी। हालांकि, RBI के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया कि भौतिक सोने के भंडार में कोई कमी नहीं आई है।
पॉलिसी बैठक पर है निवेशकों की नजर
इस बीच बाजार की नजर अब RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर टिकी हुई है। तीन दिन चलने वाली यह बैठक 3 जून से शुरू हो चुकी है और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 जून को फैसलों की घोषणा करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब मिडल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसके बावजूद अधिकांश एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI फिलहाल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा।



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