Gold Smuggling: 10 लाख रुपये किलो सस्ता मिल रहा तस्करी वाला सोना, गल्फ कंट्रीज, बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते यूं आ रहा भारत

Gold Smuggling: 10 लाख रुपये किलो सस्ता मिल रहा तस्करी वाला सोना, गल्फ कंट्रीज, बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते यूं आ रहा भारत

Gold Price: सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने का असर मार्केट में नजर आने लगा है। कारोबारियों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे ड्यूटी बढ़ी है, वैसे-वैसे सोने की तस्करी भी फिर से सिर उठाने लगी है। हालत यह है कि अवैध रास्तों से भारत पहुंच रहा सोना बाजार कीमत की तुलना में 8 से 10 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ता मिल रहा है। ईटी की एक रिपोर्ट में सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों के हवाले से बताया गया कि खाड़ी देशों से आने वाले यात्री इस तस्करी की सबसे बड़ी कड़ी बने हुए हैं। कई मामलों में यात्री सोने को आभूषण के रूप में पहनकर भारत लाते हैं और एयरपोर्ट पर इसकी घोषणा किए बिना ग्रीन चैनल से बाहर निकल जाते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, जबकि अवैध कारोबारियों को मोटा फायदा मिलता है।

गल्फ कंट्रीज से आ रहा ज्यादातर अवैध सोना

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, अनौपचारिक चैनलों से आने वाले ज्यादातर सोने का सोर्स गल्फ कंट्रीज हैं। उन्होंने बताया कि कई यात्री सोने को पहनकर लाते हैं और जांच से बचकर निकल जाते हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि ऊंची ड्यूटी हमेशा ग्रे मार्केट को बढ़ावा देती है।

सोने की कीमत में कितना आता है फर्क?

मुंबई के जवेरी बाजार के एक बुलियन कारोबारी के अनुसार, एक किलो सोने की लैंडेड कॉस्ट करीब 1.65 करोड़ रुपये बैठती है। इसमें लगभग 1.40 करोड़ रुपये सोने की कीमत होती है, जबकि बाकी राशि आयात शुल्क और जीएसटी के रूप में जुड़ती है। यही वजह है कि तस्करी के जरिए लाया गया सोना बेचने वालों को बड़ा फायदा मिलता है। कारोबारी के अनुसार, अवैध रास्ते से आने वाला सोना यदि बाजार भाव से 8 से 10 लाख रुपये प्रति किलो कम कीमत पर भी बेच दिया जाए, तब भी तस्कर 15-17 लाख रुपये प्रति किलो तक का मुनाफा कमा सकता है।

सोने की तस्करी

नेपाल और बांग्लादेश से भी आ रहा सोना

खाड़ी देशों के अलावा बांग्लादेश और नेपाल भी तस्करी के महत्वपूर्ण रूट्स माने जा रहे हैं। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं जहां सोने की तस्करी के ज्यादा मामले सामने आते हैं। हाल ही में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दुबई से आए दो यात्रियों के पास से 4.19 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का तस्करी किया गया सोना बरामद किया गया।

जब-जब ड्यूटी बढ़ी, तस्करी में हुआ इजाफा

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब भी आयात शुल्क ऊंचा होता है, तस्करी बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि, अभी यह बताना जल्दबाजी होगी कि चालू वित्त वर्ष में तस्करी कितनी बढ़ेगी, क्योंकि ड्यूटी में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है। लेकिन पिछले अनुभव बताते हैं कि ड्यूटी बढ़ते ही ग्रे मार्केट सक्रिय हो जाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं। काउंसिल के अनुसार 2013 से 2026 के बीच जब-जब आयात शुल्क बढ़ाया गया, तब-तब अवैध या अनौपचारिक तरीके से आने वाले सोने में बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, शुल्क घटने पर ऐसे आयात में तेज गिरावट आई।

साल 2013 में आयात शुल्क में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद तस्करी से आने वाले सोने की मात्रा में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया था। 2013 की पहली तिमाही में जहां यह आंकड़ा करीब 10 टन था, वहीं 2014 की पहली तिमाही तक यह बढ़कर लगभग 70 टन पहुंच गया। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिसर्च प्रमुख कविता चाको का कहना है कि एक बार तस्करी का नेटवर्क खड़ा हो जाए तो उसे खत्म करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि लंबे समय तक ड्यूटी स्थिर रहने के बावजूद अवैध सोने का प्रवाह ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है।

MCX पर गिरे गोल्ड के रेट

सोने की घरेलू वायदा कीमत में आज बुधवार को गिरावट देखी जा रही है। एमसीएक्स एक्सचेंज पर दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर सोने का वायदा भाव 0.28 फीसदी या 446 रुपये की गिरावट के साथ 1,58,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, चांदी का घरेलू वायदा भाव इस समय 0.93 फीसदी या 2475 रुपये की गिरावट के साथ 2,64,232 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया।

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