उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से वर्ष 2022 की टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) भर्ती परीक्षा 3 और 4 जून को आयोजित की जा रही है। प्रदेश के 36 जिलों में बनाए गए 614 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा संपन्न होगी। वाराणसी में परीक्षा के लिए 37 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था की गई है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी की विधिवत जांच की जाए। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत केंद्र व्यवस्थापकों को दी गई है। इन सामानों पर रहेगा प्रतिबंध परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, टैबलेट, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, ईयर मशीन या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जांच के दौरान प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। 45 मिनट पहले बंद हो जाएंगे गेट आयोग ने अभ्यर्थियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 45 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश कर लें। निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 3539 पदों के लिए 8.68 लाख अभ्यर्थी मैदान में टीजीटी भर्ती परीक्षा 3539 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जा रही है। इसके लिए प्रदेशभर से 8,68,531 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस भर्ती का विज्ञापन करीब चार वर्ष पहले जारी हुआ था, लेकिन विभिन्न कारणों से परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी थी। कई बार परीक्षा तिथि भी स्थगित हुई, जिसके चलते अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अब आयोग की सख्ती और तैयारियों के बीच यह परीक्षा दो दिनों तक चार पालियों में आयोजित की जा रही है। तीन फोटो और पहचान पत्र साथ लाना जरूरी आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा केंद्र पर अपने साथ तीन पासपोर्ट साइज फोटो और एक वैध पहचान पत्र अवश्य लेकर जाएं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें केंद्र पर प्रस्तुत करना होगा। परीक्षा की निगरानी के लिए सभी केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा की प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने और किसी भी गड़बड़ी को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।


