सम्राट के ‘माई का लाल’ कहने पर भड़के तेजप्रताप:बोले- भाषा की मर्यादा रखिए, राबड़ी के पैर छूते सम्राट की तस्वीर शेयर की

सम्राट के ‘माई का लाल’ कहने पर भड़के तेजप्रताप:बोले- भाषा की मर्यादा रखिए, राबड़ी के पैर छूते सम्राट की तस्वीर शेयर की

राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर विवाद बढ़ता जा रहा है। राबड़ी देवी ने कहा था हम बंगला खाली नहीं करेंगे। फोर्स बुलाकर खाली करवा लो। इस पर CM ने जवाब देते हुए कहा, बंगला खाली होकर रहेगा। कोई माई का लाल बंगला खाली करवाने से नहीं रोक सकता। ये किसी की बपौती नहीं। इधर, तेजप्रताप यादव ने CM सम्राट के बयान पर पलटवार करते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि भाषा की मर्यादा बनाए रखिए। इस पोस्ट के साथ तेजप्रताप ने राबड़ी देवी के पैर छूते सम्राट चौधरी की तस्वीर भी शेयर की है। तस्वीर शेयर करते हुए बड़े बेटे तेज प्रताप ने लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, खासकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती।लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। तेजप्रताप की भविष्यवाणी- 9 महीने में कुर्सी से हट जाएंगे सम्राट तेजप्रताप ने कहा, सभी जानते हैं कि सम्राट चौधरी किस कुर्सी पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए, लेकिन वह अपनी कुर्सी का सम्मान करने में असफल साबित हो रहे हैं। सम्राट चौधरी उम्र में मुझसे बड़े हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के पद पर बैठने के बावजूद वह उस पद की मर्यादा नहीं रख पा रहे हैं। आने वाले 6 से 9 महीनों के भीतर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। आवाज खाली करना है तो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आवास खाली क्यों नहीं हो रहा है। जीतन राम मांझी का आवास खाली क्यों नहीं हो रहा है। अपने मुख्यमंत्री आवास में पांच देश रत्न को मिला लिया। हमारी माता जी अभी सदन में है तो उनसे आवास क्यों खाली कराया जा रहा है। क्या एक के लिए नियम कानून अलग है बाकियों के लिए अलग है। सबसे पहले नीतीश कुमार को आवास खाली कराये सरकार। सम्राट चौधरी बोले- जो गुंडागर्दी करेगा वो जेल जाएगा मुजफ्फरपुर में मंगलवार को सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, ‘कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।’ CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है इससे पहले शेखपुरा में CM सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर सियासी वार किया है। उन्होंने कहा है कि बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। राबड़ी देवी ने कहा था- फोर्स बुलाकर जबरन हमें यहां से हटा दें बता दें कि सरकार ने लालू परिवार को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। क्योंकि वो बंगला मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। जैसे ही 29 मई को सरकार का ताजा नोटिस राबड़ी आवास पहुंचा, शनिवार को दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, ’10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ नीतीश कुमार ने लेसी सिंह को तलब किया इधर, राबड़ी आवास खाली कराने के मामले में पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप किया है। नीतीश कुमार ने भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह को तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने राबड़ी आवास खाली कराने के मामले पर लेसी सिंह से पूरी जानकारी ली। इसके बाद बंगला विवाद की पूरी जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को भी दी। तेजप्रताप के आवास की बात को टाल गईं मंत्री पूर्व CM नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि, मैंने उन्हें पूरी जानकारी दे दी है। कुछ राजनीतिक चर्चा भी हुई है। बहुत सारी बातें होती हैं। जिसकी जानकारी मीडिया में देना उचित नहीं हैं। मंत्री से जब पूछा गया कि तेजप्रताप यादव ना तो विधायक हैं ना विधान परिषद के सदस्य। तब भी उन्हें सरकारी आवास मिला हुआ है। क्या उनका आवास खाली कराया जाएगा। इसपर मंत्री ने कहा कि अरे छोड़िए ना मामले को कहां ले जा रहे हैं। सब नियम प्रक्रिया से चलता है। जब मंत्री से पूछा गयाकि क्या निशांत को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस सवाल पर मंत्री लेसी सिंह ने कुछ नहीं कहा। दोनों डिप्टी CM से मिले नीतीश मंत्री लेसी सिंह से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी, विजेन्द्र यादव से मुलाकात की। उसके बाद संजय झा ने नीतीश के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। नीतीश कुमार इन दिनों एक्टिव दिख रहे हैं। उन्होंने सोमवार को भी जदयू का कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की थी। अब जानिए क्या है पूरा मामला सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। राबड़ी को 39 हार्डिंग रोड वाला बंगला अलॉट हुआ है भवन निर्माण विभाग के अनुसार, विभागीय आदेश संख्या-122 दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था। ये आवास राबड़ी देवी के नाम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्होंने पूर्व से आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली नहीं किया है। लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड’ बंगला में रह रहा है। बीते 6 महीने में राबड़ी देवी से 2-3 बार आग्रह किया गया कि वो नये आवंटित बंगला 39 हार्डिंग रोड में जाएं, लेकिन अब तक लालू परिवार ने अब तक आवास नहीं छोड़ा है। अब पढ़िए जिस मंत्री को ये बंगला अलॉट हुआ है उनका क्या कहना है राबड़ी देवी अभी जिस सरकारी बंगले में रह रही हैं, वो बंगला डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट हुआ है। मंत्री का कहना है कि बिहार सरकार ने उन्हें नियम के अनुसार सरकारी आवास अलॉट किया है। उन्होंने कहा, जिस घर में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रह रही हैं, वह अब मुझे अलॉट हुआ है। क्योंकि मेरे पास पहले कोई सरकारी आवास नहीं था। अब राबड़ी देवी का यह कहना कि वह आवास खाली नहीं करेंगी, मुझे समझ नहीं आ रहा। मंत्री ने यह भी कहा, “मैं दलित समाज से आता हूं। रामनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुआ हूं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। मैं डेयरी मतस्य और पशु संसाधन मंत्री के रूप में बिहार के लिए काम कर रहा हूं।” राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर विवाद बढ़ता जा रहा है। राबड़ी देवी ने कहा था हम बंगला खाली नहीं करेंगे। फोर्स बुलाकर खाली करवा लो। इस पर CM ने जवाब देते हुए कहा, बंगला खाली होकर रहेगा। कोई माई का लाल बंगला खाली करवाने से नहीं रोक सकता। ये किसी की बपौती नहीं। इधर, तेजप्रताप यादव ने CM सम्राट के बयान पर पलटवार करते हुए फेसबुक पर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि भाषा की मर्यादा बनाए रखिए। इस पोस्ट के साथ तेजप्रताप ने राबड़ी देवी के पैर छूते सम्राट चौधरी की तस्वीर भी शेयर की है। तस्वीर शेयर करते हुए बड़े बेटे तेज प्रताप ने लिखा- मैं यही कहना चाहता हूं कि राज्य के नेताओं को, खासकर मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों को, हमेशा संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।किसी भी व्यक्ति पर टिप्पणी करते समय उसकी उम्र, सम्मान और सामाजिक गरिमा का ध्यान रखना आवश्यक है। हमारी माता श्री हमारे लिए सम्मान का विषय हैं। इसलिए किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती।लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवाद हमेशा शालीन और सम्मानजनक होना चाहिए। मर्यादित भाषा और आपसी सम्मान ही राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है। तेजप्रताप की भविष्यवाणी- 9 महीने में कुर्सी से हट जाएंगे सम्राट तेजप्रताप ने कहा, सभी जानते हैं कि सम्राट चौधरी किस कुर्सी पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए, लेकिन वह अपनी कुर्सी का सम्मान करने में असफल साबित हो रहे हैं। सम्राट चौधरी उम्र में मुझसे बड़े हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के पद पर बैठने के बावजूद वह उस पद की मर्यादा नहीं रख पा रहे हैं। आने वाले 6 से 9 महीनों के भीतर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। आवाज खाली करना है तो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आवास खाली क्यों नहीं हो रहा है। जीतन राम मांझी का आवास खाली क्यों नहीं हो रहा है। अपने मुख्यमंत्री आवास में पांच देश रत्न को मिला लिया। हमारी माता जी अभी सदन में है तो उनसे आवास क्यों खाली कराया जा रहा है। क्या एक के लिए नियम कानून अलग है बाकियों के लिए अलग है। सबसे पहले नीतीश कुमार को आवास खाली कराये सरकार। सम्राट चौधरी बोले- जो गुंडागर्दी करेगा वो जेल जाएगा मुजफ्फरपुर में मंगलवार को सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी के बयान का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, ‘कुछ लोगों को लगता है मेरा घर खाली हो जाएगा। पक्का खाली होगा। धरती पर कोई रोक नहीं सकता है। कोई माई का लाल रोक नहीं सकता है। कोई राजतंत्र नहीं है। लोकतंत्र है। मां को अलग घर चाहिए। बेटे को अलग घर चाहिए। मां-बेटे और पति को अलग-अलग सुरक्षा चाहिए। बिहार में हरा गमछा, हरा गमछा शांति का प्रतीक है। जो गुंडागर्दी करेगा उसे तो जेल में डालेंगे ही ना। जो गुंडागर्दी करेगा उसके लिए एक ही जगह है मुजफ्फरपुर की जेल।’ CM बोले- बंगला किसी की बपौती नहीं है इससे पहले शेखपुरा में CM सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर सियासी वार किया है। उन्होंने कहा है कि बंगला किसी की बपौती नहीं है। लोगों को बंगले से मोह हो गया है। बेटे को अलग घर चाहिए, मां को अलग घर चाहिए। कुछ लोगों को चिंता है कि हमारा घर बचा रहे। मैं कई बार मंत्री बना, बिहार का गृहमंत्री भी बना, लेकिन मैं 2400 स्कव्यार फीट में रहा। मैं जब मुख्यमंत्री आवास में गया तो मैंने कहा, आप बाहर लिखवा दीजिए ये लोकसेवक का आवास है। यहां किसी की बपौती नहीं होती। मैं 1999 में सरकार में मंत्री के तौर पर आया, ये मेरा 11वां घर है। राबड़ी देवी ने कहा था- फोर्स बुलाकर जबरन हमें यहां से हटा दें बता दें कि सरकार ने लालू परिवार को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। क्योंकि वो बंगला मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया गया है। जैसे ही 29 मई को सरकार का ताजा नोटिस राबड़ी आवास पहुंचा, शनिवार को दिल्ली से पटना लौटते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, ’10, सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं। हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें यहां से हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।’ नीतीश कुमार ने लेसी सिंह को तलब किया इधर, राबड़ी आवास खाली कराने के मामले में पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने हस्तक्षेप किया है। नीतीश कुमार ने भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह को तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार ने राबड़ी आवास खाली कराने के मामले पर लेसी सिंह से पूरी जानकारी ली। इसके बाद बंगला विवाद की पूरी जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को भी दी। तेजप्रताप के आवास की बात को टाल गईं मंत्री पूर्व CM नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि, मैंने उन्हें पूरी जानकारी दे दी है। कुछ राजनीतिक चर्चा भी हुई है। बहुत सारी बातें होती हैं। जिसकी जानकारी मीडिया में देना उचित नहीं हैं। मंत्री से जब पूछा गया कि तेजप्रताप यादव ना तो विधायक हैं ना विधान परिषद के सदस्य। तब भी उन्हें सरकारी आवास मिला हुआ है। क्या उनका आवास खाली कराया जाएगा। इसपर मंत्री ने कहा कि अरे छोड़िए ना मामले को कहां ले जा रहे हैं। सब नियम प्रक्रिया से चलता है। जब मंत्री से पूछा गयाकि क्या निशांत को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस सवाल पर मंत्री लेसी सिंह ने कुछ नहीं कहा। दोनों डिप्टी CM से मिले नीतीश मंत्री लेसी सिंह से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी, विजेन्द्र यादव से मुलाकात की। उसके बाद संजय झा ने नीतीश के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। नीतीश कुमार इन दिनों एक्टिव दिख रहे हैं। उन्होंने सोमवार को भी जदयू का कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की थी। अब जानिए क्या है पूरा मामला सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 25 नवंबर 2025 को आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। राबड़ी देवी के अलावा हारे हुए विधायकों को भी नोटिस भेजा गया। सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया। भवन निर्माण विभाग के अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। राबड़ी को 39 हार्डिंग रोड वाला बंगला अलॉट हुआ है भवन निर्माण विभाग के अनुसार, विभागीय आदेश संख्या-122 दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया था। ये आवास राबड़ी देवी के नाम पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक उन्होंने पूर्व से आवंटित 10 सर्कुलर रोड आवास खाली नहीं किया है। लालू परिवार साल 2005 से 10 सर्कुलर रोड’ बंगला में रह रहा है। बीते 6 महीने में राबड़ी देवी से 2-3 बार आग्रह किया गया कि वो नये आवंटित बंगला 39 हार्डिंग रोड में जाएं, लेकिन अब तक लालू परिवार ने अब तक आवास नहीं छोड़ा है। अब पढ़िए जिस मंत्री को ये बंगला अलॉट हुआ है उनका क्या कहना है राबड़ी देवी अभी जिस सरकारी बंगले में रह रही हैं, वो बंगला डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन (पशुपालन) मंत्री नंदकिशोर राम को अलॉट हुआ है। मंत्री का कहना है कि बिहार सरकार ने उन्हें नियम के अनुसार सरकारी आवास अलॉट किया है। उन्होंने कहा, जिस घर में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रह रही हैं, वह अब मुझे अलॉट हुआ है। क्योंकि मेरे पास पहले कोई सरकारी आवास नहीं था। अब राबड़ी देवी का यह कहना कि वह आवास खाली नहीं करेंगी, मुझे समझ नहीं आ रहा। मंत्री ने यह भी कहा, “मैं दलित समाज से आता हूं। रामनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुआ हूं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। मैं डेयरी मतस्य और पशु संसाधन मंत्री के रूप में बिहार के लिए काम कर रहा हूं।”  

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