बैतूल पुलिस ने बोरदेही थाना क्षेत्र में 20 मई को हुई 9 लाख रुपये की लूट का मंगलवार को खुलासा किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आरोपियों से नगद राशि, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और लूट के पैसों से खरीदी गईं दो अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। सुनसान रास्ते पर पीछा कर लूटा
पुलिस के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक आमला से 9 लाख रुपये निकालकर बोरदेही लौट रहे प्रदीप झरबड़े को आरोपियों ने पहले से ही निशाना बनाया था। 20 मई को ग्राम नरेरा और देहलवाड़ा के बीच एक सुनसान रास्ते पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने प्रदीप झरबड़े की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वह मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर गए। इसके बाद चाकू की नोक पर रुपयों से भरा बैग लूटकर आरोपी फरार हो गए। इस घटना में फरियादी को हल्की चोटें भी आई थीं। सीसीटीवी की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची
घटना के बाद बोरदेही थाने में अपराध क्रमांक 99/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार उर्फ मोहित यदुवंशी (18), गोविंद टांडेकर (19), शिवराम उर्फ नान्हू बन (20), दुर्गेश सोनवंशी (22) और कमलेश उर्फ मनीष यदुवंशी (26) शामिल हैं। ये सभी आरोपी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से 60 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और लूट की रकम से खरीदी गई दो अन्य मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। पुलिस शेष रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड देवानंद उर्फ देवा इवने निवासी घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आदतन अपराधी है देवानंद
फरार आरोपी देवानंद के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी, नकबजनी, लूट और जुआ एक्ट सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। पुलिस का मानना है कि उसी ने पूरी वारदात की योजना बनाई थी। मामले के खुलासे में थाना बोरदेही, थाना आमला, थाना नवेगांव, थाना जुन्नारदेव और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


