अररिया जिले में प्रभारी सचिव मो. सोहैल और जिलाधिकारी विनोद दूहन ने विभिन्न सहयोग शिविरों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत अररिया प्रखंड की बांसबाड़ी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर से हुई। यहां अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित पाई गईं, जिनमें भूमि परिमार्जन, लगान रसीद जारी करने, राजस्व अभिलेखों में सुधार और अन्य भू-राजस्व मामले शामिल थे। अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत भी दर्ज कराई प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुल निर्माण की आवश्यकता भी बताई। साथ ही, कुछ लोगों ने अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत भी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रभारी सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायत की विधिवत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बांसबाड़ी पंचायत में शिविर के निरीक्षण के बाद उन्होंने एक आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया। शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का निर्देश दिया आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को उपस्थिति बढ़ाने और सभी सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का निर्देश दिया। इसके उपरांत, प्रभारी सचिव ने जोकीहाट प्रखंड की ढभरा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां प्राप्त आवेदनों और उनके निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की। प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारे के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाएं और प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। निरीक्षण कार्यक्रम के तहत, प्रभारी सचिव ने अररिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-29 में आयोजित सहयोग शिविर का भी जायजा लिया। उन्होंने शिविर में उपस्थित आम लोगों से संवाद किया और अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अररिया जिले में प्रभारी सचिव मो. सोहैल और जिलाधिकारी विनोद दूहन ने विभिन्न सहयोग शिविरों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत अररिया प्रखंड की बांसबाड़ी पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर से हुई। यहां अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद से संबंधित पाई गईं, जिनमें भूमि परिमार्जन, लगान रसीद जारी करने, राजस्व अभिलेखों में सुधार और अन्य भू-राजस्व मामले शामिल थे। अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत भी दर्ज कराई प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पुल निर्माण की आवश्यकता भी बताई। साथ ही, कुछ लोगों ने अनधिकृत मिट्टी खनन की शिकायत भी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रभारी सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिकायत की विधिवत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बांसबाड़ी पंचायत में शिविर के निरीक्षण के बाद उन्होंने एक आंगनबाड़ी केंद्र का भी दौरा किया। शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का निर्देश दिया आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए, उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को उपस्थिति बढ़ाने और सभी सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का निर्देश दिया। इसके उपरांत, प्रभारी सचिव ने जोकीहाट प्रखंड की ढभरा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां प्राप्त आवेदनों और उनके निष्पादन की प्रगति की समीक्षा की। प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारे के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाएं और प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। निरीक्षण कार्यक्रम के तहत, प्रभारी सचिव ने अररिया नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-29 में आयोजित सहयोग शिविर का भी जायजा लिया। उन्होंने शिविर में उपस्थित आम लोगों से संवाद किया और अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


