पूर्णिया के महानंदा सभागार में प्रभारी डीएम सह डीडीसी अंजनि कुमार और एसपी स्वीटी सहरावत की संयुक्त अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर सोमवार शाम समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मौजूद सभी अतिक्रमण, अवैध ढाबों और पार्किंग स्थलों को हटाने का निर्देश दिया गया। एनएचएआई, आरसीडी और आरडब्ल्यूडी सहित एनएच से संबंधित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को संबंधित एसडीओ और सीओ के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से इस कार्रवाई का प्रतिदिन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में डीटीओ द्वारा पीएम कैशलेस योजना, जिसे ‘गोल्डन आवर’ में लागू किया जाता है, के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएस) को निर्देश दिया कि इस योजना का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके, इसके लिए अस्पतालों की टैगिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। इसके अतिरिक्त, 112 सेवा और 1033 नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पुलिस थाने तक तुरंत सूचना पहुंच सके और घायलों को योजना के तहत अस्पताल में तत्काल उपचार मिल सके। समीक्षा बैठक में ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट को और अधिक चिह्नित करने, उनकी संख्या बताने और वहां अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों पर भी जोर दिया गया। इनमें साइनेज, गति सीमा, दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र की चेतावनी और ट्रंबल स्ट्रिप्स जैसे प्रभावी उपायों को लागू करना शामिल है। इस बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), विधि व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, डीटीओ, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रखंड और अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। पूर्णिया के महानंदा सभागार में प्रभारी डीएम सह डीडीसी अंजनि कुमार और एसपी स्वीटी सहरावत की संयुक्त अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा को लेकर सोमवार शाम समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर मौजूद सभी अतिक्रमण, अवैध ढाबों और पार्किंग स्थलों को हटाने का निर्देश दिया गया। एनएचएआई, आरसीडी और आरडब्ल्यूडी सहित एनएच से संबंधित सभी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को संबंधित एसडीओ और सीओ के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने का भी निर्देश दिया गया। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से इस कार्रवाई का प्रतिदिन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया। बैठक में डीटीओ द्वारा पीएम कैशलेस योजना, जिसे ‘गोल्डन आवर’ में लागू किया जाता है, के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएस) को निर्देश दिया कि इस योजना का अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके, इसके लिए अस्पतालों की टैगिंग प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। इसके अतिरिक्त, 112 सेवा और 1033 नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पुलिस थाने तक तुरंत सूचना पहुंच सके और घायलों को योजना के तहत अस्पताल में तत्काल उपचार मिल सके। समीक्षा बैठक में ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट को और अधिक चिह्नित करने, उनकी संख्या बताने और वहां अपनाए जा रहे सुरक्षा उपायों पर भी जोर दिया गया। इनमें साइनेज, गति सीमा, दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र की चेतावनी और ट्रंबल स्ट्रिप्स जैसे प्रभावी उपायों को लागू करना शामिल है। इस बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), विधि व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, डीटीओ, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रखंड और अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।


