अहमदाबाद विमान हादसा (Ahmedabad Plane Crash) दुनिया के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक है। 12 जून 2025 को हुए इस हादसे ने पूरी देश को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। एयर इंडिया (Air India) का बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हादसे का शिकार हो गया। टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही विमान एयरपोर्ट के पास एक मेडिकल हॉस्टल में जाकर क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी और जिस मेडिकल हॉस्टल में विमान क्रैश हुआ, उसके 19 लोगों की भी इस हादसे में मौत हो गई। विमान में सवार सिर्फ एक शख्स विश्वास कुमार रमेश की ही इस हादसे में जान बची थी। इस हादसे में जावेद अली, उसकी पत्नी मरियम और दो बच्चे भी मारे गए थे। हादसे के एक साल पूरा होने से पहले जब इस बारे में जावेद की माँ से सवाल पूछा गया, तो उसका दर्द छलक उठा।
बेटे के लिए कही दिल को छू लेने वाली बात
एक इंटरव्यू के दौरान जब जावेद की माँ फरीदा बानो से उसके बेटे के बारे में सवाल पूछा गया, तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाई। फरीदा ने कहा, “वह हर जगह मेरे साथ रहना है। दिन-रात। मैं उसकी कब्र पर जाती हूं और कहती हूं, ‘बेटे, मैं तुम्हारे लिए यहाँ आई हूं।’ मैं वहाँ बैठकर खूब रोती हूं। मैं उससे कहती हूं कि तुम अपना चेहरा मुझे दिखाए बिना चले गए। मैं उसे आखिरी बार देख भी नहीं पाई। हमने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि अल्लाह ने उसे अपने पास बुला लिया है। लेकिन जब मुझे उसकी कमी महसूस होती है तो मेरे आंसू नहीं रुकते।”
हादसे की रिपोर्ट पर कह दी बड़ी बात
अभी तक इस हादसे की फाइनल रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस बारे में पूछे जाने पर फरीदा ने कहा, “इस हादसे की 1,000 रिपोर्ट्स पेश की जा सकती हैं, लेकिन इससे मेरे बेटे की मौत की भरपाई नहीं हो सकती। क्या कोई रिपोर्ट मेरे बेटे को लौटा सकती है? क्या एयर इंडिया मेरे बेटे को लौटा सकता है? ऐसा नहीं हो सकता।”
भाई ने कही बड़ी बात
जावेद का भाई इम्तियाज़ अली, जो मुंबई में रहता है, ने अपने भाई की मौत के बाद कहा, “ऐसा लगता है जैसे जावेद अब भी वहीं है। हादसे के बाद परिवार महीनों तक जांच की जानकारी, सामान की वापसी और उस मेडिकल सपोर्ट का इंतज़ार करता रहा, जिसका वादा किया गया था। जवाब अक्सर देर से मिलते थे और अस्पष्ट होते थे। कार्रवाई तभी होती थी जब मीडिया का ध्यान जाता या सार्वजनिक दबाव बनता।”
पीड़ितों के परिवारों की मांग – ब्लैक बॉक्स डेटा किया जाए सार्वजनिक
कुछ समय पहले पीड़ितों के परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखा और ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही पीड़ितों के परिवारों ने कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) के डेटा को भी सावजनिक करने की मांग उठाई है। पीड़ितों के परिवारों का कहना है वो पैसा या मुआवजा नहीं चाहते, बल्कि सिर्फ सच जानना चाहते हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करना बहुत ज़रूरी है ताकि पीड़ितों के परिवारों को अहमदाबाद विमान हादसे की वजह का पता चल सकें। पत्र में पीड़ितों परिवारों ने स्पष्ट किया कि अगर यह डेटा पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता तो कम से कम उन्हें निजी रूप से उपलब्ध कराया जाए।




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