भास्कर न्यूज|मधुबनी स्थानीय संस्कृत उच्च विद्यालय परिसर में अरुणिमा साहित्यिक गोष्ठी का सफल आयोजन कवि झौली पासवान की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार दिलीप कुमार झा ने किया। गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं पर समीक्षकीय टिप्पणी मालती मिश्र ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में समिति के सचिव आशीष कुमार मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया। गोष्ठी में कुल पंद्रह कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। प्रस्तुत रचनाओं में दिलीप कुमार झा की कविता ‘चरम सुख’, मालती मिश्र की ‘एबार्शन’, कुमकुम मिश्र की ‘स्नेह की छांव’, सीमा झा की ‘चर्चा’, दिनेश चन्द्र झा की ‘पपिहा’, डॉ. रवीन्द्र कुमार मिश्र की ‘गरीबी’, अवधेश कुमार झा की ‘स्कूली बच्चों के माता-पिता’, सुनील कुमार मिश्र की ‘पुरस्कार’, उदय जायसवाल की ‘कृतज्ञ तर्पण’, विनय विश्वबंधु की ‘सीबीएसई में मैथिली’, प्रजापति ठाकुर की ‘माँ’, डॉ. अजय कुमार सिंह की ‘गाँव में अब कोई आना नहीं चाहता’, अनुपम झा की ‘हे वसुधा, तुम्हें कोटि-कोटि नमन’ तथा गोपाल झा अभिषेक की कहानी ‘बसंता’ प्रमुख रहीं। गोष्ठी में साहित्य, समाज, शिक्षा, संस्कृति तथा मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विषयों पर आधारित रचनाओं का पाठ किया। भास्कर न्यूज|मधुबनी स्थानीय संस्कृत उच्च विद्यालय परिसर में अरुणिमा साहित्यिक गोष्ठी का सफल आयोजन कवि झौली पासवान की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार दिलीप कुमार झा ने किया। गोष्ठी में प्रस्तुत रचनाओं पर समीक्षकीय टिप्पणी मालती मिश्र ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में समिति के सचिव आशीष कुमार मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया। गोष्ठी में कुल पंद्रह कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। प्रस्तुत रचनाओं में दिलीप कुमार झा की कविता ‘चरम सुख’, मालती मिश्र की ‘एबार्शन’, कुमकुम मिश्र की ‘स्नेह की छांव’, सीमा झा की ‘चर्चा’, दिनेश चन्द्र झा की ‘पपिहा’, डॉ. रवीन्द्र कुमार मिश्र की ‘गरीबी’, अवधेश कुमार झा की ‘स्कूली बच्चों के माता-पिता’, सुनील कुमार मिश्र की ‘पुरस्कार’, उदय जायसवाल की ‘कृतज्ञ तर्पण’, विनय विश्वबंधु की ‘सीबीएसई में मैथिली’, प्रजापति ठाकुर की ‘माँ’, डॉ. अजय कुमार सिंह की ‘गाँव में अब कोई आना नहीं चाहता’, अनुपम झा की ‘हे वसुधा, तुम्हें कोटि-कोटि नमन’ तथा गोपाल झा अभिषेक की कहानी ‘बसंता’ प्रमुख रहीं। गोष्ठी में साहित्य, समाज, शिक्षा, संस्कृति तथा मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विषयों पर आधारित रचनाओं का पाठ किया।


