हेल्थ रिपोर्टर|मधुबनी जिले में हाल के दिनों में वायरल फीवर के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सिर्फ सदर अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन औसत 60 से 70 वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहें हैं जिनमें से कभी 10 तो कभी 05 मरीजों को ओपीडी से इमर्जेंसी रेफर कर दिया जा रहा है। इमर्जेंसी विभाग के नोडल डॉ संजीव कुमार झा ने कहा कि मौसम में बदलाव कभी गर्मी तो कभी बारिश इसका प्रमुख कारण है। साथ ही तेज धूप में रहने के कारण भी लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में तो संख्या बढ़ी ही है, साथ में कई ऐसे मरीज जो अधिक बुखार के कारण बेहोश हो जा रहे हैं व इमरजेंसी विभाग पहुंच रहें हैं, उनकी संख्या बढ़ी है। ओपीडी में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या की बात की जाय तो 01 जून को 96, 30 मई को 66, 29 मई को 59, 27 मई को 61, 26 मई को 56 , 25 मई को 78 वायरल फीवर के मरीज ओपीडी पहुंचें। जिसमें से 23 मरीजों को इमर्जेंसी विभाग में ओपीडी से इमर्जेंसी विभाग में रेफर किया गया। वर्तमान में जो वायरल फीवर जिले में फैला है उसमें मरीजों को 3 से 7 दिनों तक बुखार रह रहा है व काफी कमजोरी महसूस हो रही है। डॉ संजीव झा ने बताया कि संबंधित मरीजों के लिए आवश्यक दवा सदर अस्पताल में उपलब्ध है। सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल फीवर व डायरिया के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में अभी प्रकार की दवा व इलाज निःशुल्क उपलब्ध है। अगर कोई लक्षण लगे तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों से संपर्क करें। वायरल फीवर के साथ साथ डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी सदर अस्पताल में बढ़ी है। इसकी चपेट में बच्चे व बुजुर्ग सर्वाधिक आ रहे हैं। शहर के वरीय फिजिशियन डॉ डीएस मिश्रा ने कहा कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। खासकर बच्चों व बुजुर्गों के लिए। ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए व जहाँ तक संभव हो होटल, रेस्टुरेंट व सड़क किनारे बिक रहे खाने से दूर रहना चाहिए। मौसमी फल का सेवन करना चाहिए व परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह आवश्यक है। हेल्थ रिपोर्टर|मधुबनी जिले में हाल के दिनों में वायरल फीवर के मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। सिर्फ सदर अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन औसत 60 से 70 वायरल फीवर के मरीज पहुंच रहें हैं जिनमें से कभी 10 तो कभी 05 मरीजों को ओपीडी से इमर्जेंसी रेफर कर दिया जा रहा है। इमर्जेंसी विभाग के नोडल डॉ संजीव कुमार झा ने कहा कि मौसम में बदलाव कभी गर्मी तो कभी बारिश इसका प्रमुख कारण है। साथ ही तेज धूप में रहने के कारण भी लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। ओपीडी में तो संख्या बढ़ी ही है, साथ में कई ऐसे मरीज जो अधिक बुखार के कारण बेहोश हो जा रहे हैं व इमरजेंसी विभाग पहुंच रहें हैं, उनकी संख्या बढ़ी है। ओपीडी में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या की बात की जाय तो 01 जून को 96, 30 मई को 66, 29 मई को 59, 27 मई को 61, 26 मई को 56 , 25 मई को 78 वायरल फीवर के मरीज ओपीडी पहुंचें। जिसमें से 23 मरीजों को इमर्जेंसी विभाग में ओपीडी से इमर्जेंसी विभाग में रेफर किया गया। वर्तमान में जो वायरल फीवर जिले में फैला है उसमें मरीजों को 3 से 7 दिनों तक बुखार रह रहा है व काफी कमजोरी महसूस हो रही है। डॉ संजीव झा ने बताया कि संबंधित मरीजों के लिए आवश्यक दवा सदर अस्पताल में उपलब्ध है। सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल फीवर व डायरिया के मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में अभी प्रकार की दवा व इलाज निःशुल्क उपलब्ध है। अगर कोई लक्षण लगे तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों से संपर्क करें। वायरल फीवर के साथ साथ डायरिया के लक्षण वाले मरीजों की संख्या भी सदर अस्पताल में बढ़ी है। इसकी चपेट में बच्चे व बुजुर्ग सर्वाधिक आ रहे हैं। शहर के वरीय फिजिशियन डॉ डीएस मिश्रा ने कहा कि गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। खासकर बच्चों व बुजुर्गों के लिए। ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए व जहाँ तक संभव हो होटल, रेस्टुरेंट व सड़क किनारे बिक रहे खाने से दूर रहना चाहिए। मौसमी फल का सेवन करना चाहिए व परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।


