संभल के मोहल्ला नाला स्थित हजरत शेख पचासा मियां रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर 137वें उर्स एवं पांच दिवसीय मेले का रविवार को पारंपरिक धार्मिक रस्मों के साथ शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर देश भर से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे। उर्स के पहले दिन दरगाह पर चादरपोशी, नियाज-नजर और जलसे का आयोजन किया गया। जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना तौसीफ रज़ा मिस्बाही ने हजरत शेख पचासा मियां के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रेम, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश अपनाने पर जोर दिया। इस दौरान देश में अमन, शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं भी की गईं। उर्स के साथ लगने वाले मेले में भी काफी रौनक देखने को मिल रही है। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए झूले लगाए गए हैं, वहीं विभिन्न प्रकार की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, अमरोहा, अलीगढ़, मुरादाबाद सहित देश के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद उर्स में शामिल होने पहुंचे हैं। उर्स एवं मेला कमेटी के अध्यक्ष हाजी अकील साबरी ने बताया कि यह उर्स पांच दिनों तक चलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि एक जून को आयोजित जलसे में मौलाना तौसीफ रज़ा मिस्बाही और शुएब रज़ा खिताब करेंगे। दो जून को महफिल-ए-समा में मशहूर कव्वाल इकराम पेंटर कानपुर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद तीन जून को राजा सरफराज रामपुरी और दानिश मुनीर, चार जून को सरफराज अनवर जलालाबादी और नौशाद शोला अजमेरी तथा पांच जून को शब्बू शादाब और जुनैद सुल्तानी मुंबई कव्वाली पेश करेंगे। हाजी अकील साबरी ने बताया कि छह जून की सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी, जिसके साथ 137वें उर्स का समापन होगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शाह आलम कुरैशी उर्फ खालू, सरफराज कुरैशी, जाहिद हुसैन, शमीम अहमद, सुब्हान, फुरकान, इज्बाबुन नबी, महफूज इलाही सहित समस्त मोहल्लावासियों का विशेष सहयोग रहा।


