झाबुआ में नीलगाय शिकार का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:गोपालपुरा में माही नहर के पास मिला था शव; लंबे समय से फरार था आरोपी

झाबुआ में नीलगाय शिकार का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:गोपालपुरा में माही नहर के पास मिला था शव; लंबे समय से फरार था आरोपी

झाबुआ जिले के गोपालपुरा गांव के जंगलों में मादा नीलगाय का शिकार करने वाले मुख्य आरोपी सुनील मैड़ा को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। मोइवागेली निवासी आरोपी को थांदला कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। माही नहर के पास मिला था मादा नीलगाय का शव यह मामला 9-10 मई की रात का है, जब वन विभाग को गोपालपुरा के जंगलों में हथियारों के साथ शिकारियों की सक्रियता की सूचना मिली थी। थांदला और पेटलावद के संयुक्त वन अमले ने जब रात में गश्त की, तो उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वनकर्मियों को आता देख शिकारी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन हड़बड़ी में अपनी बाइक दलदली जमीन में छोड़ गए। अगले दिन सुबह तलाशी के दौरान वन विभाग को माही नहर के पास एक मादा नीलगाय का शव बरामद हुआ। पीएम में बंदूक की गोली से मौत की पुष्टि पशु चिकित्सकों ने बताया कि पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि नीलगाय की मौत बंदूक की गोली के छर्रे लगने से हुई थी। नीलगाय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-2 के तहत एक संरक्षित वन्यजीव है। वन मंडलाधिकारी की उपस्थिति में मृत नीलगाय का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। जांच में सामने आया कि शिकारियों ने वन्यजीवों के मार्ग पर सुनियोजित तरीके से घात लगाकर यह हमला किया था। बाइक के दस्तावेजों से हुई मुख्य आरोपी की पहचान शिकारियों द्वारा मौके पर छोड़ी गई बाइक के दस्तावेजों की जब वन विभाग ने जांच की, तो वह वाहन सुनील पिता कालु मैड़ा के नाम पर पंजीकृत पाया गया। इसी आधार पर वन विभाग ने सुनील को मुख्य आरोपी बनाते हुए उसकी तलाश शुरू की थी। न्यायालय में पेश प्रतिवेदन में विभाग ने बताया कि मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी और शिकार में प्रयुक्त बंदूक व अन्य वाहनों की बरामदगी अभी की जानी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग दे रहा दबिश थांदला न्यायालय ने वन्यजीव अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सुनील को जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस पूरी कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी तोलाराम हटिला, परिक्षेत्र सहायक तारसिंह भाभोर, वन रक्षक कसू डामोर और धूमसिंह बबेरिया की टीम शामिल रही। वन विभाग की टीमें अब मामले से जुड़े अन्य फरार शिकारियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

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