नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता में छठा दौर भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी निराशाजनक रहा। पहले दौर में जहां भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सकारात्मक शुरुआत की थी, वहीं वापसी मुकाबलों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। विश्व चैंपियन डी गुकेश, आर प्रज्ञानानंदा और दिव्या देशमुख को शास्त्रीय मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा, जबकि अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी भी टाईब्रेकर में जीत हासिल नहीं कर सकीं।बता दें कि नॉर्वे शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन ओस्लो स्थित डेकमैन ब्योर्विका पुस्तकालय में किया जा रहा है। प्रतियोगिता की विशेष अंक प्रणाली इसे अन्य शतरंज टूर्नामेंटों से अलग बनाती है। यहां शास्त्रीय मुकाबले में जीत पर तीन अंक मिलते हैं, जबकि ड्रॉ होने पर दोनों खिलाड़ियों को एक-एक अंक मिलता है। इसके बाद होने वाले आर्मागेडन मुकाबले के विजेता को अतिरिक्त आधा अंक दिया जाता है। ऐसे में शास्त्रीय मुकाबले में हार किसी भी खिलाड़ी के लिए भारी नुकसान साबित होती है।मौजूद जानकारी के अनुसार विश्व चैंपियन डी गुकेश का सामना जर्मनी के विन्सेंट कीमर से था। काले मोहरों से खेल रहे गुकेश ने मुकाबले में आक्रामक रणनीति अपनाई, लेकिन कीमर ने मध्य खेल में लगातार दबाव बनाकर बढ़त हासिल कर ली। अंततः 52 चालों के बाद कीमर ने शानदार जीत दर्ज की। इस हार से गुकेश को अंक तालिका में बड़ा नुकसान हुआ है।वहीं आर प्रज्ञानानंदा का मुकाबला अमेरिका के वेस्ली सो से हुआ। प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त बनाने की कोशिश की, लेकिन वेस्ली सो ने धैर्य और सटीक रणनीति के साथ खेल को अपने पक्ष में मोड़ लिया। अंतिम चरण में अमेरिकी खिलाड़ी ने बेहतर खेल दिखाते हुए 63वीं चाल पर जीत हासिल कर ली। इस जीत के बाद वेस्ली सो 11.5 अंकों के साथ प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि गुकेश और प्रज्ञानानंदा क्रमशः 6.5 और 6 अंकों के साथ निचले स्थानों पर खिसक गए।महिला वर्ग में भारतीय ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख के पास शीर्ष स्थान बनाए रखने का अवसर था। उनका मुकाबला महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन से था। सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन जू वेनजुन ने धीरे-धीरे खेल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। चीनी खिलाड़ी ने लगातार दबाव बनाते हुए 69 चालों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ दिव्या शीर्ष स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं और उनके खाते में 8.5 अंक हैं।दूसरी ओर भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी का संघर्ष जारी रहा। उनका मुकाबला बिबीसारा असाउबायेवा से ड्रॉ रहने के बाद आर्मागेडन टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां हम्पी को हार का सामना करना पड़ा। बिबीसारा अब 9.5 अंकों के साथ महिला वर्ग में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई हैं, जबकि हम्पी 5.5 अंकों के साथ सबसे नीचे बनी हुई हैं।गौरतलब है कि पुरुष वर्ग में नॉर्वे के दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने भी शानदार वापसी की। शुरुआती दौर में मिली निराशाओं के बाद कार्लसन ने फ्रांस के अलीरेजा फिरूजा को हराकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। वहीं महिला वर्ग के एक अन्य मुकाबले में चीन की झू जिनर ने गत विजेता अन्ना मुजिचुक को पराजित किया है। छठे दौर के बाद प्रतियोगिता और अधिक रोमांचक हो गई है तथा आने वाले मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच शीर्ष स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिलने की उम्मीद है।
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