हरियाणा में पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं के वैक्सीनेशन को लेकर बड़ी चूक सामने आई है। पशुपालन विभाग पशुओं के लिए पर्याप्त नीडल एवं सीरिंज ही उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। अगर सिरसा जिले की बात करे तो करीब पांच लाख पशुओं के मुहं खुर एवं गलघोंटू जैसी बीमारियों के लिए वैक्सीनेशन किया जाना है। मगर विभाग ने करीब 80-80 हजार नीडल व सीरिंज ही मुहैया करवाई है। ऐसे में वैक्सीनेशन पूरा कैसे हो। इससे विभाग के वीएस एवं वीएलडीए में पेंच फंस गया है, क्योंकि उनके पास न तो पर्याप्त नीडल एवं सीरिंज पहुंची है और न ही विभाग द्वारा परचेज की गई है। अब सबसे बड़ी चुनौती वीएलडीए के लिए बन गई है। विभाग की ओर से वैक्सीनेशन का पूरा दबाव है और कुछ पशु चिकित्सक अपने स्तर पर सीरिंज व नीडल खरीदने को मजबूर है। इस बारे में डीडी ने बताया, डिमांड भेजी हुई है और लोकल परचेज के लिए बोल दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जिले में करीब 4.72 लाख पशु है, जिसमें भैंस व गाय आते हैं। इनमें से करीब 4 लाख पशुओं के वैक्सीनेशन का टारगेट है। अभी तक विभाग ने 40-40 हजार नीडल और 40-40 हजार सीरिंज दो बार करके कुल 80-80 हजार परचेज करके फील्ड में भेजी गई है। ये सेंटर वाइज नाममात्र पहुंची है। इस वजह से वैक्सीनेशन में दिक्कत आ रही है। गांव में एक हजार पशुओं पर 30 नीडल-सीरिंज पहुंची उदाहरण के तौर पर यदि एक गांव में एक हजार पशु है तो उनके लिए पशु अस्पताल में वीएलडीए के पास 30-40 नीडल व 30-40 सीरिंज पहुंची है। एक तरह से विभाग ने कुल 80 हजार सीरिंज में बांट-बांट कर सभी को दे दी, पर इससे वैक्सीनेशन में भी दिक्कत आ गई है। वीएलडीए व उनकी यूनियन ने शुरू में काफी विरोया किया और तीन से चार दिन तक वैक्सीनेशन प्रक्रिया भी बंद रखी थी। इसके बाद विभाग ने एक लाख की डिमांड भेजी है। एक नीडल बार-बार इस्तेमाल से इंफेक्शन का डर वैक्सीनेशन में नीडल व सीरिंज के बार-बार इस्तेमाल का डर बढ़ गया है। वीएलडीए के अनुसार, यदि किसी पशु को लगाई गई सीरिंज या नीडल दूसरे पशु को लगाई गई तो इसके बार-बार इस्तेमाल से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा है। ऐसा करना भी मुनासिब नहीं होगा। इस पर भी विभाग को ध्यान देना होगा। कमी में वीएस-वीएलडीए को खरीद के लिए कहा : डीडी डीडी सुखविंद्र सिंह ने बताया, वैक्सीनेशन चल रहा है। शुरूआत में 40-40 हजार नीडल व सीरिंज खरीदी थी। विभाग के पास 40 हजार तक परचेज की पावर होती है। हमने एक लाख के बजट की डिमांड भेजी हुई है। बजट आने के बाद जल्द खरीदकर मुहैया करवाई जाएगी। सभी वीएस एवं वीएलडीए को कहा गया है कि यदि कमी हो तो वे लोकल में खरीद सकते हैं। उनको बजट आने पर दे दिया जाएगा।


