IAEA Warning: दक्षिणी यूक्रेन स्थित यूरोप के सबसे बड़े जापोरिज्जिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर एक बार फिर घातक ड्रोन हमला हुआ है। वर्ष 2022 से रूसी नियंत्रण वाले इस अति-संवेदनशील संयंत्र की एक टर्बाइन बिल्डिंग की दीवार में ड्रोन टकराने से छेद हो गया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सख्त लहजे में चेतावनी दी कि परमाणु केंद्रों पर हमला करना आग से खेलने जैसा है। इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में परमाणु कयामत का खतरा मंडराने लगा है।
आईएईए ने आगे की जांच के लिए इमारत के अंदर जाने की अनुमति भी मांगी है, यह देखते हुए कि यह रिएक्टर यूनिट 6 के ठीक बगल में स्थित है। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि यह हमला एक गंभीर घटना थी जिसने परमाणु सुरक्षा के प्रमुख सिद्धांतों को खतरे में डाल दिया।
रूस का दावा और कर्मचारियों की मौत
रूसी परमाणु ऊर्जा कंपनी ‘रोसाटॉम’ के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन ने जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के प्लांट की यूनिट-6 के टर्बाइन हॉल पर हमला किया। उनके मुताबिक ड्रोन विस्फोट के बाद टर्बाइन हॉल की दीवार में बड़ा छेद हो गया, हालांकि किसी महत्वपूर्ण उपकरण को नुकसान नहीं पहुंचा। रूस का दावा है कि ड्रोन फाइबर-ऑप्टिक कंट्रोल सिस्टम से संचालित था, इसलिए यह ‘गलती से हुआ हमला’ नहीं हो सकता।
रोसाटॉम के सीईओ अलेक्सी लिखाचेव ने चेतावनी दी है कि इस गैर-जिम्मेदाराना हमले से दुनिया एक बड़े परमाणु हादसे के बेहद करीब पहुंच गई है। यदि यहां कोई गंभीर रिसाव होता है, तो इसका असर केवल रूस या यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीमाओं से बहुत दूर रहने वाले लोग भी इसकी जद में आएंगे। रूस का दावा है कि इसके बाद हुए एक अन्य ड्रोन हमले में संयंत्र के ट्रांसपोर्ट हब को निशाना बनाया गया, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई और छह बसें तबाह हो गईं।
कीव ने खारिज किया दावा
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने रूस के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कीव का कहना है कि यूक्रेन अपने ही क्षेत्र में स्थित परमाणु संयंत्र पर हमला क्यों करेगा, जिसे वह वापस हासिल करना चाहता है। यूक्रेन ने मांग की है कि वहां मौजूद आइएईए की टीम स्वतंत्र रूप से इस नुकसान की जांच करे।


