बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित:शेखपुरा के डायट में टीबीटी शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित

बेहतर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित:शेखपुरा के डायट में टीबीटी शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित

शेखपुरा के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सभागार में रविवार को ‘द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स’ (टीबीटी) के तत्वावधान में “टीबीटी शिक्षक सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शेखपुरा जिले के सभी छह प्रखंडों से सैकड़ों चयनित शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। समारोह में कला संस्कृति विभाग के पदाधिकारी सुजीत कुमार, डायट के प्राचार्य डॉ. सुशांत सौरभ, वरीय व्याख्याता डॉ. नितिन कुमार, डॉ. विजय कुमार और व्याख्याता समीर कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने गीत, संगीत, नाटक और लोकगीत जैसी विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथियों द्वारा जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सैकड़ों शिक्षकों और शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. सुशांत सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के शिक्षक अपनी प्रतिभा से विद्यालयों में भारत के भविष्य निर्माण में लगे हैं। उन्होंने टीबीटी को एक ऐतिहासिक संस्था बताया जो शिक्षकों को एक अभियान के तहत जोड़कर उनमें उत्साह भरती है। उन्होंने नवाचार अपनाने और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी विधियों से बच्चों के शिक्षण अधिगम में सहयोग करने पर जोर दिया, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमंडलीय टीम के सदस्यों आशा वर्मा, वंदना कुमारी, ममता कुमारी और जिला टीम के सदस्यों रेणु कुमारी, संदीप कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर कुमार, आचार्य गोपाल, रानी कुमारी, अमीषा कुमारी, गुड्डी कुमारी, संजीव कुमार, रूबी कुमारी, रागिनी कुमारी, विकास कुमार और अभिनंदन कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शेखपुरा के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सभागार में रविवार को ‘द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स’ (टीबीटी) के तत्वावधान में “टीबीटी शिक्षक सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शेखपुरा जिले के सभी छह प्रखंडों से सैकड़ों चयनित शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भाग लिया। समारोह में कला संस्कृति विभाग के पदाधिकारी सुजीत कुमार, डायट के प्राचार्य डॉ. सुशांत सौरभ, वरीय व्याख्याता डॉ. नितिन कुमार, डॉ. विजय कुमार और व्याख्याता समीर कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने गीत, संगीत, नाटक और लोकगीत जैसी विभिन्न कलाओं का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथियों द्वारा जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सैकड़ों शिक्षकों और शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. सुशांत सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के शिक्षक अपनी प्रतिभा से विद्यालयों में भारत के भविष्य निर्माण में लगे हैं। उन्होंने टीबीटी को एक ऐतिहासिक संस्था बताया जो शिक्षकों को एक अभियान के तहत जोड़कर उनमें उत्साह भरती है। उन्होंने नवाचार अपनाने और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसी विधियों से बच्चों के शिक्षण अधिगम में सहयोग करने पर जोर दिया, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमंडलीय टीम के सदस्यों आशा वर्मा, वंदना कुमारी, ममता कुमारी और जिला टीम के सदस्यों रेणु कुमारी, संदीप कुमार, मुकेश कुमार, सुधीर कुमार, आचार्य गोपाल, रानी कुमारी, अमीषा कुमारी, गुड्डी कुमारी, संजीव कुमार, रूबी कुमारी, रागिनी कुमारी, विकास कुमार और अभिनंदन कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।  

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