पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में एक शिक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सत्यप्रकाश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। वह पांकी स्थित सिलदिलिया स्कूल में फिजिकल टीचर के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सत्यप्रकाश पांकी थाना रोड स्थित एक किराए के मकान में अकेले रहते थे। उनका परिवार जौनपुर में ही रहता है। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब उनकी पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ने पर उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल को इसकी जानकारी दी। इसके बाद प्रिंसिपल जब शिक्षक के घर पहुंचे तो देखा कि सत्यप्रकाश का शव खिड़की के ग्रिल से फंदे के सहारे लटका हुआ है। उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच के लिए शव को कब्जे में लिया घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ प्रशांत कुमार और थाना प्रभारी दीपक कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतारा गया और पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है और उनके पांकी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस फिलहाल इस मामले में आत्महत्या या किसी अन्य कारण से मौत की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और मृतक के कॉल डिटेल्स सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। शिक्षक की इस तरह हुई मौत ने इलाके के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। स्कूल से जुड़े लोग भी घटना को लेकर शोक में हैं। पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में एक शिक्षक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान सत्यप्रकाश श्रीवास्तव के रूप में हुई है। वह पांकी स्थित सिलदिलिया स्कूल में फिजिकल टीचर के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सत्यप्रकाश पांकी थाना रोड स्थित एक किराए के मकान में अकेले रहते थे। उनका परिवार जौनपुर में ही रहता है। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब उनकी पत्नी ने कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ने पर उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल को इसकी जानकारी दी। इसके बाद प्रिंसिपल जब शिक्षक के घर पहुंचे तो देखा कि सत्यप्रकाश का शव खिड़की के ग्रिल से फंदे के सहारे लटका हुआ है। उस समय तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच के लिए शव को कब्जे में लिया घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ प्रशांत कुमार और थाना प्रभारी दीपक कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में शव को फंदे से नीचे उतारा गया और पूरे घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी गई है और उनके पांकी पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। कई एंगल से जांच में जुटी पुलिस फिलहाल इस मामले में आत्महत्या या किसी अन्य कारण से मौत की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और मृतक के कॉल डिटेल्स सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। शिक्षक की इस तरह हुई मौत ने इलाके के लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। स्कूल से जुड़े लोग भी घटना को लेकर शोक में हैं।


