पटना का एलएनजेपी (लोकनायक जयप्रकाश नारायण) अस्पताल, जहां पिछले 7 दिन से एक्स-रे और ईसीजी मशीन खराब है। इस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। यहां हर दिन करीब 300 मरीज आते हैं। जिन्हें सुविधा नहीं मिल रही है। मजबूर होकर मरीज निजी जांच केंद्र जा रहे हैं। जहां उन्हें जांच के लिए 350 रुपए तक लग रहे हैं, जबकि एलएनजेबी अस्पताल में ये सुविधा फ्री में मिलती है। मरीजों ने आरोप लगाया कि समय पर जांच नहीं होने से इलाज में भी देरी हो रही है। दूर से आने वाले मरीज होते परेशान एलएनजेपी अस्पताल में कई ऐसे मरीज हैं जो लंबी दूरी से पहुंचते हैं। जब उन्हें पता चलता है कि जांच की मशीनें खराब हैं तो वे काफी परेशान होने लगते हैं। फिर वे अपने परिजन के साथ निजी जांच केंद्र की तलाश में लग जाते हैं। अनजान जगह होने के कारण निजी जांच केंद्र जाने में थोड़ी परेशानी भी होती है। आने-जाने के खर्च और जांच के खर्च को मिलाकर 700 रुपए लग जाते हैं, जबकि मरीज एलएनजेपी में फ्री सुविधा सोचकर आते हैं।
जांच के लिए भटकना पड़ रहा मरीज के परिजन चंदन कुमार ने बताया कि मशीनें खराब होने की वजह से बहुत दिक्कत हो रही है। नई मशीनें लानी चाहिए, ताकि मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
2-3 दिन में समस्या खत्म हो जाएगा एलएनजेपी के डायरेक्टर डॉ. राकेश चौधरी बताया कि खराब मशीनों की जानकारी मुझे नहीं दी गई थी। फिलहाल मिलाजुला कर काम हमलोग कर लेते है। जल्द ही मशीन ठीक करा ली जाएगी। एक्स-रे पिछले एक सप्ताह से खराब है उसमें कुछ विशेष तार की जरूरत है। जो इम्पोर्ट होकर आएगा तब बदला जाएगा। तब तक के लिए वैकल्पिक मशीन की व्यवस्था की गई है। हालांकि उससे काम नहीं हो रहा, अगले 2 से 3 दिन में सब ठीक हो जाएगा। पटना का एलएनजेपी (लोकनायक जयप्रकाश नारायण) अस्पताल, जहां पिछले 7 दिन से एक्स-रे और ईसीजी मशीन खराब है। इस वजह से मरीजों को परेशानी हो रही है। यहां हर दिन करीब 300 मरीज आते हैं। जिन्हें सुविधा नहीं मिल रही है। मजबूर होकर मरीज निजी जांच केंद्र जा रहे हैं। जहां उन्हें जांच के लिए 350 रुपए तक लग रहे हैं, जबकि एलएनजेबी अस्पताल में ये सुविधा फ्री में मिलती है। मरीजों ने आरोप लगाया कि समय पर जांच नहीं होने से इलाज में भी देरी हो रही है। दूर से आने वाले मरीज होते परेशान एलएनजेपी अस्पताल में कई ऐसे मरीज हैं जो लंबी दूरी से पहुंचते हैं। जब उन्हें पता चलता है कि जांच की मशीनें खराब हैं तो वे काफी परेशान होने लगते हैं। फिर वे अपने परिजन के साथ निजी जांच केंद्र की तलाश में लग जाते हैं। अनजान जगह होने के कारण निजी जांच केंद्र जाने में थोड़ी परेशानी भी होती है। आने-जाने के खर्च और जांच के खर्च को मिलाकर 700 रुपए लग जाते हैं, जबकि मरीज एलएनजेपी में फ्री सुविधा सोचकर आते हैं।
जांच के लिए भटकना पड़ रहा मरीज के परिजन चंदन कुमार ने बताया कि मशीनें खराब होने की वजह से बहुत दिक्कत हो रही है। नई मशीनें लानी चाहिए, ताकि मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़े। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
2-3 दिन में समस्या खत्म हो जाएगा एलएनजेपी के डायरेक्टर डॉ. राकेश चौधरी बताया कि खराब मशीनों की जानकारी मुझे नहीं दी गई थी। फिलहाल मिलाजुला कर काम हमलोग कर लेते है। जल्द ही मशीन ठीक करा ली जाएगी। एक्स-रे पिछले एक सप्ताह से खराब है उसमें कुछ विशेष तार की जरूरत है। जो इम्पोर्ट होकर आएगा तब बदला जाएगा। तब तक के लिए वैकल्पिक मशीन की व्यवस्था की गई है। हालांकि उससे काम नहीं हो रहा, अगले 2 से 3 दिन में सब ठीक हो जाएगा।


