पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड स्थित टीकापट्टी थाना क्षेत्र के चकला बहियार में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताई गई है। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है। बीते 27 मई को इसी इलाके में एक हमलावर तेंदुए को ग्रामीणों की भीड़ ने मार गिराया था। अब नए संकेतों के बाद दूसरे तेंदुए के होने की संभावना बढ़ गई है। वन विभाग की टीम रेंजर रामप्रवेश ठाकुर के नेतृत्व में चकला बहियार पहुंची। टीम को नए पंजों के निशान मिले हैं, जिससे दूसरे तेंदुए की मौजूदगी की संभावना और मजबूत हुई है। विभाग ने पगमार्क के नमूने सुरक्षित कर लिए हैं और उनकी जांच की जा रही है। तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। बहियार और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही, संभावित ठिकानों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं ताकि वन्यजीव को सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके। यह रेस्क्यू अभियान आसान नहीं है। चकला बहियार का इलाका सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें घने बांस के झुरमुट, केले के बागान और मक्के की फसलें हैं। घनी वनस्पति के कारण दृश्यता कम है, जिससे वन विभाग की टीम को तलाशी में कठिनाई हो रही है। बीती रात विभाग ने माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की। उन्हें अकेले खेत या बहियार की ओर न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। तेंदुए की खोज के लिए ड्रोन सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, समूह में ही खेतों की ओर जाएं और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और वन विभाग की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड स्थित टीकापट्टी थाना क्षेत्र के चकला बहियार में एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताई गई है। इसके बाद वन विभाग ने इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। ग्रामीणों में भय का माहौल है। बीते 27 मई को इसी इलाके में एक हमलावर तेंदुए को ग्रामीणों की भीड़ ने मार गिराया था। अब नए संकेतों के बाद दूसरे तेंदुए के होने की संभावना बढ़ गई है। वन विभाग की टीम रेंजर रामप्रवेश ठाकुर के नेतृत्व में चकला बहियार पहुंची। टीम को नए पंजों के निशान मिले हैं, जिससे दूसरे तेंदुए की मौजूदगी की संभावना और मजबूत हुई है। विभाग ने पगमार्क के नमूने सुरक्षित कर लिए हैं और उनकी जांच की जा रही है। तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है। बहियार और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही, संभावित ठिकानों पर पिंजरे भी लगाए गए हैं ताकि वन्यजीव को सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके। यह रेस्क्यू अभियान आसान नहीं है। चकला बहियार का इलाका सैकड़ों एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें घने बांस के झुरमुट, केले के बागान और मक्के की फसलें हैं। घनी वनस्पति के कारण दृश्यता कम है, जिससे वन विभाग की टीम को तलाशी में कठिनाई हो रही है। बीती रात विभाग ने माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की। उन्हें अकेले खेत या बहियार की ओर न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। तेंदुए की खोज के लिए ड्रोन सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, समूह में ही खेतों की ओर जाएं और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और वन विभाग की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।


