बोकारो के एलएच स्थित एक अवैध डीजल गोदाम में देर शाम भीषण आग लगने से दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसे युवकों की पहचान एलएच के भाना झा और हैसाबातू निवासी महबूब आलम के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार संबंधित गोदाम चोरी-छिपे संचालित किया जा रहा था।इसकी जानकारी केवल जरूरतमंद लोगों तक सीमित थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक दुकान से आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास खड़े लोगों की हिम्मत मौके के करीब जाने की नहीं हुई। इसी बीच दोनों युवक झुलसी हालत में बाहर निकले, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) पहुंचाया गया। दमकल की तत्परता से एक घंटे में पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग सेआग बुझाने का काम शुरू किया गया। डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था, जिससे धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से आसपास के घरों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। हालांकि इस दौरान इलाके में दहशत का माहौल बना रहा और लोग घरों से बाहर निकलकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। लापरवाही पर उठे सवाल, जांच में जुटा प्रशासन घटना के बाद अवैध रूप से डीजल भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और अवैध डीजल भंडारण के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बोकारो के एलएच स्थित एक अवैध डीजल गोदाम में देर शाम भीषण आग लगने से दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसे युवकों की पहचान एलएच के भाना झा और हैसाबातू निवासी महबूब आलम के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार संबंधित गोदाम चोरी-छिपे संचालित किया जा रहा था।इसकी जानकारी केवल जरूरतमंद लोगों तक सीमित थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक दुकान से आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास खड़े लोगों की हिम्मत मौके के करीब जाने की नहीं हुई। इसी बीच दोनों युवक झुलसी हालत में बाहर निकले, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) पहुंचाया गया। दमकल की तत्परता से एक घंटे में पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग सेआग बुझाने का काम शुरू किया गया। डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था, जिससे धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से आसपास के घरों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। हालांकि इस दौरान इलाके में दहशत का माहौल बना रहा और लोग घरों से बाहर निकलकर स्थिति पर नजर बनाए रहे। लापरवाही पर उठे सवाल, जांच में जुटा प्रशासन घटना के बाद अवैध रूप से डीजल भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और अवैध डीजल भंडारण के नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


