राष्ट्रपति, पीएम और अमित शाह चखेंगे शाही लीची का स्वाद:मुजफ्फरपुर से खास वैन से भेजी जा रही 2000 पैकेट लीची, एक महीने तक रहेगी ताजी

राष्ट्रपति, पीएम और अमित शाह चखेंगे शाही लीची का स्वाद:मुजफ्फरपुर से खास वैन से भेजी जा रही 2000 पैकेट लीची, एक महीने तक रहेगी ताजी

दुनिया भर में अपनी खास मिठास और सुगंध के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर की शाही लीची एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य लोगों तक पहुंचने जा रही है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों को उपहार स्वरूप भेजी जाने वाली शाही लीची की तैयारी पूरी कर ली गई है। शनिवार को विशेष रेफ्रिजरेटेड वैन के जरिए करीब 2000 पैकेट शाही लीची दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रवाना किए जाएंगे। जिला प्रशासन की देखरेख में वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस बार भी मुजफ्फरपुर की जीआई टैग प्राप्त शाही लीची देश के गणमान्य लोगों तक पहुंचेगी। इसके लिए लीची की तुड़ाई, चयन, प्रोसेसिंग और पैकिंग का काम कई दिनों से चल रहा था, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है। वर्षों पुरानी परंपरा का निभाया जा रहा निर्वहन मुजफ्फरपुर की पहचान बन चुकी शाही लीची को हर वर्ष देश के प्रमुख संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों को भेजा जाता है। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य न केवल इस विशेष फल का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि मुजफ्फरपुर की कृषि विरासत और वैश्विक पहचान को भी मजबूत करना है। इस वर्ष दो-दो किलो के करीब 2000 विशेष पैकेट तैयार किए गए हैं। कई चरणों की प्रक्रिया के बाद होती है पैकिंग शाही लीची को सीधे बागानों से चुनने के बाद उसकी गुणवत्ता और आकार के आधार पर चयन किया जाता है। इसके बाद लीची की सफाई, धुलाई और विशेष तापमान पर प्री-कूलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है। फिर अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखने के बाद विशेष पैकेजिंग की जाती है ताकि लीची की ताजगी और स्वाद बरकरार रहे। पूरी प्रक्रिया नियंत्रित तापमान वाले कूलिंग रूम में की जाती है। इसके बाद पैकेटों को उपहार स्वरूप आकर्षक तरीके से तैयार कर रेफ्रिजरेटेड वैन में लोड किया जाता है। दो अधिकारियों के जिम्मे रहता है पूरा वीआईपी टास्क राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों तक शाही लीची पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। इस कार्य की निगरानी जिला उद्यान पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के स्तर से की जाती है। बागानों के चयन से लेकर पैकिंग और सुरक्षित परिवहन तक की पूरी व्यवस्था उनकी देखरेख में संपन्न होती है। एक-दो जून तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री कार्यालय शाही लीची भेजने की व्यवस्था देख रहे उद्यमी आलोक केडिया ने बताया कि दो किलो के 2000 पैकेट पूरी तरह तैयार हैं। इन्हें रेफ्रिजरेटेड वैन से भेजा जाएगा ताकि लीची की गुणवत्ता बनी रहे। एक या दो जून तक यह खेप प्रधानमंत्री कार्यालय सहित सभी निर्धारित स्थानों तक पहुंच जाएगी। इस बार भेजी जा रही लीची सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली है, जिसका चयन विशेष रूप से किया गया है। प्रधानमंत्री के लिए पैकिंग कर गर्व महसूस कर रहीं महिलाएं लीची की पैकिंग में जुटी महिलाओं में भी खास उत्साह देखा जा रहा है। पैकिंग कार्य में लगी खुशबू खातून ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मुजफ्फरपुर की शाही लीची पैक करना उनके लिए गर्व की बात है। यह खुशी की बात है कि उनके हाथों से तैयार पैकेट देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचेंगे। तीन से चार डिग्री तापमान में रखी गई लीची स्टोर मैनेजर अरुण कुमार ने बताया कि बागानों से लाई गई लीची को पहले तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान वाले प्री-कूलिंग चैंबर में रखा जाता है। इसके बाद पैकिंग कर उसे विशेष गिफ्ट पैक के रूप में तैयार किया जाता है। सभी पैकेट तैयार होने के बाद उन्हें रेफ्रिजरेटेड वैन में लोड कर रवाना किया जाएगा। मुजफ्फरपुर की शाही लीची हर साल अपनी मिठास के साथ देशभर में पहचान बनाती है। इस बार भी जिले के किसानों और उद्यान विभाग को उम्मीद है कि शाही लीची का स्वाद देश के गणमान्य लोगों तक पहुंचकर मुजफ्फरपुर का नाम और ऊंचा करेगा। दुनिया भर में अपनी खास मिठास और सुगंध के लिए मशहूर मुजफ्फरपुर की शाही लीची एक बार फिर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य लोगों तक पहुंचने जा रही है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट अतिथियों को उपहार स्वरूप भेजी जाने वाली शाही लीची की तैयारी पूरी कर ली गई है। शनिवार को विशेष रेफ्रिजरेटेड वैन के जरिए करीब 2000 पैकेट शाही लीची दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रवाना किए जाएंगे। जिला प्रशासन की देखरेख में वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस बार भी मुजफ्फरपुर की जीआई टैग प्राप्त शाही लीची देश के गणमान्य लोगों तक पहुंचेगी। इसके लिए लीची की तुड़ाई, चयन, प्रोसेसिंग और पैकिंग का काम कई दिनों से चल रहा था, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है। वर्षों पुरानी परंपरा का निभाया जा रहा निर्वहन मुजफ्फरपुर की पहचान बन चुकी शाही लीची को हर वर्ष देश के प्रमुख संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों को भेजा जाता है। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य न केवल इस विशेष फल का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि मुजफ्फरपुर की कृषि विरासत और वैश्विक पहचान को भी मजबूत करना है। इस वर्ष दो-दो किलो के करीब 2000 विशेष पैकेट तैयार किए गए हैं। कई चरणों की प्रक्रिया के बाद होती है पैकिंग शाही लीची को सीधे बागानों से चुनने के बाद उसकी गुणवत्ता और आकार के आधार पर चयन किया जाता है। इसके बाद लीची की सफाई, धुलाई और विशेष तापमान पर प्री-कूलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाती है। फिर अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखने के बाद विशेष पैकेजिंग की जाती है ताकि लीची की ताजगी और स्वाद बरकरार रहे। पूरी प्रक्रिया नियंत्रित तापमान वाले कूलिंग रूम में की जाती है। इसके बाद पैकेटों को उपहार स्वरूप आकर्षक तरीके से तैयार कर रेफ्रिजरेटेड वैन में लोड किया जाता है। दो अधिकारियों के जिम्मे रहता है पूरा वीआईपी टास्क राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों तक शाही लीची पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। इस कार्य की निगरानी जिला उद्यान पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के स्तर से की जाती है। बागानों के चयन से लेकर पैकिंग और सुरक्षित परिवहन तक की पूरी व्यवस्था उनकी देखरेख में संपन्न होती है। एक-दो जून तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री कार्यालय शाही लीची भेजने की व्यवस्था देख रहे उद्यमी आलोक केडिया ने बताया कि दो किलो के 2000 पैकेट पूरी तरह तैयार हैं। इन्हें रेफ्रिजरेटेड वैन से भेजा जाएगा ताकि लीची की गुणवत्ता बनी रहे। एक या दो जून तक यह खेप प्रधानमंत्री कार्यालय सहित सभी निर्धारित स्थानों तक पहुंच जाएगी। इस बार भेजी जा रही लीची सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली है, जिसका चयन विशेष रूप से किया गया है। प्रधानमंत्री के लिए पैकिंग कर गर्व महसूस कर रहीं महिलाएं लीची की पैकिंग में जुटी महिलाओं में भी खास उत्साह देखा जा रहा है। पैकिंग कार्य में लगी खुशबू खातून ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मुजफ्फरपुर की शाही लीची पैक करना उनके लिए गर्व की बात है। यह खुशी की बात है कि उनके हाथों से तैयार पैकेट देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचेंगे। तीन से चार डिग्री तापमान में रखी गई लीची स्टोर मैनेजर अरुण कुमार ने बताया कि बागानों से लाई गई लीची को पहले तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान वाले प्री-कूलिंग चैंबर में रखा जाता है। इसके बाद पैकिंग कर उसे विशेष गिफ्ट पैक के रूप में तैयार किया जाता है। सभी पैकेट तैयार होने के बाद उन्हें रेफ्रिजरेटेड वैन में लोड कर रवाना किया जाएगा। मुजफ्फरपुर की शाही लीची हर साल अपनी मिठास के साथ देशभर में पहचान बनाती है। इस बार भी जिले के किसानों और उद्यान विभाग को उम्मीद है कि शाही लीची का स्वाद देश के गणमान्य लोगों तक पहुंचकर मुजफ्फरपुर का नाम और ऊंचा करेगा।  

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