पीलीभीत के बिलसंडा में हुए व्यवसायी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में पुलिस को शनिवार रात एक और सफलता मिली। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई, जिसमें दो बदमाश और एक सिपाही घायल हो गए। थाना अध्यक्ष सिद्धांत शर्मा के अनुसार, शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हत्या में शामिल आरोपी शिव और कुनाल के पैर में गोली लगी। बदमाशों की गोली से सिपाही जियाउल हक भी घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला साइकिल कारोबारी पंकज कटियार को सबक सिखाने के लिए किया गया था। पंकज का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के चलते पंकज के ससुर रमेश चंद्र और साले विमल व सीतेश (शाहजहांपुर निवासी) ने लखीमपुर के उचौलिया निवासी शिवम के जरिए 20 हजार रुपये में भाड़े के शूटरों को तय किया था। गुरुवार शाम करीब पांच बजे तीन बाइकों पर सवार आठ हमलावरों ने पंकज की दुकान पर हमला किया था। उन्होंने लोहे की रॉड से पंकज पर वार किया। जब पड़ोस के कपड़ा व्यवसायी पप्पू गुप्ता पंकज को बचाने दौड़े, तो बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में पुलिस पहले ही साजिशकर्ता ससुर रमेश चंद्र और उनके दो बेटों (सालों) समेत तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है। मुठभेड़ में घायल एक अन्य शूटर लकी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। शनिवार रात शिव और कुनाल की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं।


