दमोह के जागेश्वरधाम बांदकपुर में शनिवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की समीक्षा बैठक के दौरान ही दो पक्ष आपस में भिड़ गए। झंडा बाजार की दुकानों और अतिक्रमण की अफवाहों को लेकर हुई इस तीखी बहस को एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने बामुश्किल शांत कराया। वहीं, निर्माण कार्यों की सुस्त रफ्तार देख कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। दुकानों को लेकर विवाद, एसडीएम ने कराया शांत बैठक के दौरान खसरा नंबर 180 (झंडा बाजार) की दुकानों को लेकर विवाद गहरा गया। बांदकपुर सरपंच सुनील डब्लू और व्यापारियों का आरोप था कि कुछ लोग इन दुकानों को अतिक्रमण बताकर गिराने की अफवाह फैला रहे हैं। इस दौरान सरपंच ने बताया कि यह आबादी क्षेत्र है और पूर्व की जांच में भी कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया है। बहस बढ़ते देख एसडीएम सौरभ गंधर्व ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को समझाइश दी। 50% काम भी नहीं हुआ पूरा समीक्षा के दौरान कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने पाया कि निर्माण एजेंसी ने घोर लापरवाही बरती है। उन्होंने बताया कि 30 मई 2026 तक पहले फेज का काम पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान स्थिति में 50% कार्य भी नहीं हुआ है। कलेक्टर ने इसे ‘आपत्तिजनक’ बताते हुए निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी करने और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्थानीय सुझावों की अनदेखी से विवाद कलेक्टर ने माना कि बैठक में हुए विवाद की एक बड़ी वजह यह भी है कि निर्माण एजेंसी ने प्रोजेक्ट तैयार करते समय स्थानीय लोगों और व्यापारियों के सुझावों को शामिल नहीं किया। उन्होंने एजेंसी को निर्देशित किया कि आगे का काम जन-भावनाओं और सुझावों को दृष्टिगत रखते हुए ही किया जाए। श्रद्धालुओं की सुगमता और क्वालिटी पर जोर 100 करोड़ रुपए की कुल लागत वाले इस कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्टर ने कहा कि यह पूरे जिले का सपना है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराने के उद्देश्य से कार्य को जल्द से जल्द गति देने की बात कही।


