समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दादपुर मोहल्ला में चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले गणेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गणेश ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि दीवार हटाने को लेकर विवाद हुआ था। सूरज इससे काफी हठ्ठा कठ्ठा है। शुक्रवार सुबह जब वह दीवार तोड़ रहा था, तो उसने इसके साथ गाली गलौज और मारपीट की। शरीरिक रूप से वह जीत नहीं सकता था। जिस कारण गुस्से में उसे तीन गोली मार दी और वहां से भाग निकला। पुलिस ने मौके से गोली का तीन खोखा भी बरामद किया है। सूरज के शरीर से भी गोली के दो पीलेट बरामद किए गए। एक गोली आरपार कर गई थी। वहीं गिरफ्तार गणेश के हाथ में फायर गोली के बारूद का सेंपल मिला है। एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि हत्याकांड के बाद से पुलिस इस मामले में आरोपी गणेश की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर दादपुर से इसे गिरफ्तार किया गया। एएसपी ने बताया कि सूरज के पिता भोला राय और गणेश के पिता शंकर राय के बीच बंटबारे के बाद पांच इंच दीवार को लेकर विवाद हो गया था। विवाद सलटाने के लिए सूरज कोलकाता से घर लौटा था। गुरुवार को विवाद होने पर आपस सहमती बनी थी। सूरज ने गणेश के साथ मारपीट की थी सूरज दीवार हटाने के लिए तैयार हो गया था। कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। इसी दौरान गणेश शुक्रवार सुबह दीवार तोड़ना शुरू कर दिया। जिस पर सो रहे सूरज को उसके पिता उठाकर लाए। जिस पर गणेश और सूरज के बीच पहले गाली गलौज हो गई। इस दौरान सूरज ने गणेश के साथ मारपीट कर दी। गणेश शरीरिक रूप से सूरज से कमजोर है। मार खाने से नाराज होकर अपने घर के अंदर से पिस्टल लाया और गणेश पर ताबड़तोड़ तीन गोली फायर कर दी। पिस्टल नहीं हो सकी है बरामद एएसपी ने बताया कि गणेश को अभी जेल भेजा जा रहा है। हालांकि अबतक पिस्टल बरामद नहीं हो पायी है। पुलिस गणेश को फिर से रिमांड पर लेकर हथियार बरामद करने का प्रयास करेगी। इस मामले में गणेश के पिता शंकर राय को साजिशकर्ता बताया गया है। चुकी विवाद के कारण उन्होंने धमकी दी थी। घटना के बाद से वह भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। शराब बेचने के मामले में गोपालगंज पुलिस गणेश को भेज चुकी है जेल एएसपी ने बताया कि गणेश पूर्व में गोपालगंज में शराब के मामले में पकड़ा गया था। जिसे पुलिस की ओर से जेल भेजा गया था। समस्तीपुर में अबतक कोई अपराधिक मामला इस पर दर्ज नहीं है। छापेमारी के दौरान मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह आदि शामिल हुए। समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दादपुर मोहल्ला में चचेरे भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले गणेश कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गणेश ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि दीवार हटाने को लेकर विवाद हुआ था। सूरज इससे काफी हठ्ठा कठ्ठा है। शुक्रवार सुबह जब वह दीवार तोड़ रहा था, तो उसने इसके साथ गाली गलौज और मारपीट की। शरीरिक रूप से वह जीत नहीं सकता था। जिस कारण गुस्से में उसे तीन गोली मार दी और वहां से भाग निकला। पुलिस ने मौके से गोली का तीन खोखा भी बरामद किया है। सूरज के शरीर से भी गोली के दो पीलेट बरामद किए गए। एक गोली आरपार कर गई थी। वहीं गिरफ्तार गणेश के हाथ में फायर गोली के बारूद का सेंपल मिला है। एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि हत्याकांड के बाद से पुलिस इस मामले में आरोपी गणेश की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर दादपुर से इसे गिरफ्तार किया गया। एएसपी ने बताया कि सूरज के पिता भोला राय और गणेश के पिता शंकर राय के बीच बंटबारे के बाद पांच इंच दीवार को लेकर विवाद हो गया था। विवाद सलटाने के लिए सूरज कोलकाता से घर लौटा था। गुरुवार को विवाद होने पर आपस सहमती बनी थी। सूरज ने गणेश के साथ मारपीट की थी सूरज दीवार हटाने के लिए तैयार हो गया था। कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी। इसी दौरान गणेश शुक्रवार सुबह दीवार तोड़ना शुरू कर दिया। जिस पर सो रहे सूरज को उसके पिता उठाकर लाए। जिस पर गणेश और सूरज के बीच पहले गाली गलौज हो गई। इस दौरान सूरज ने गणेश के साथ मारपीट कर दी। गणेश शरीरिक रूप से सूरज से कमजोर है। मार खाने से नाराज होकर अपने घर के अंदर से पिस्टल लाया और गणेश पर ताबड़तोड़ तीन गोली फायर कर दी। पिस्टल नहीं हो सकी है बरामद एएसपी ने बताया कि गणेश को अभी जेल भेजा जा रहा है। हालांकि अबतक पिस्टल बरामद नहीं हो पायी है। पुलिस गणेश को फिर से रिमांड पर लेकर हथियार बरामद करने का प्रयास करेगी। इस मामले में गणेश के पिता शंकर राय को साजिशकर्ता बताया गया है। चुकी विवाद के कारण उन्होंने धमकी दी थी। घटना के बाद से वह भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। शराब बेचने के मामले में गोपालगंज पुलिस गणेश को भेज चुकी है जेल एएसपी ने बताया कि गणेश पूर्व में गोपालगंज में शराब के मामले में पकड़ा गया था। जिसे पुलिस की ओर से जेल भेजा गया था। समस्तीपुर में अबतक कोई अपराधिक मामला इस पर दर्ज नहीं है। छापेमारी के दौरान मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार सिंह आदि शामिल हुए।


