फतेहपुर में एक महिला से उसकी 9 साल की बेटी के सामने हुए गैंगरेप के मामले में न्यायालय ने तीन दोषियों को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी जज अशोक कुमार ने प्रत्येक दोषी पर 14-14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे कुल जुर्माना 36,000 रुपये होता है। यह घटना 21 जुलाई 2019 को फतेहपुर के बकेवर थाना क्षेत्र में हुई थी। शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला अपनी 9 साल की बेटी के साथ गांव के बाहर जंगल में टॉयलेट के लिए गई थी। तभी गांव के ही राम सजीवन, रावेंद्र कुमार और रामनरेश ने उन्हें घेर लिया। आरोपी रामनरेश ने तमंचा दिखाकर धमकी दी कि शोर मचाने पर मां-बेटी को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद राम सजीवन और रावेंद्र ने महिला को बंबा पुलिया के पास जमीन पर पटक दिया। तीनों आरोपियों ने बारी-बारी से महिला के साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी, यदि उन्होंने किसी को इस बारे में बताया। इस मामले में 21 जुलाई 2019 को बकेवर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि वे कुछ समय बाद जमानत पर बाहर आ गए थे। छह साल बाद, बेटी की मुख्य गवाही सहित कुल सात गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। पीड़िता ने अपनी गवाही में घटना का विस्तृत विवरण दिया था। 9 साल की बेटी मां को बचाने के लिए चीखती चिल्लाती रही।काफी देर तक बेटी के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे थे तभी इन तीनों ने जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए थे।


