जिले में कानून-व्यवस्था और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एसएसपी अनुराग आर्य ने चौकी प्रभारियों की मासिक कार्यप्रणाली का मूल्यांकन कराया। अप्रैल-2026 के प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 चौकी प्रभारियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जबकि खराब प्रदर्शन करने वाले 10 चौकी प्रभारियों को चेतावनी जारी की गई। एक चौकी प्रभारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
मासिक मूल्यांकन में बारादरी थाना क्षेत्र की जोगीनवादा चौकी सबसे आगे रही। चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक कुशलपाल सिंह ने 331 अंक हासिल कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। हाफिजगंज थाना क्षेत्र की सैंथल चौकी के प्रभारी सतेंद्र कुमार दूसरे स्थान पर रहे, जबकि बहेड़ी थाना क्षेत्र की भुड़िया चौकी के प्रभारी राजू कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया।

जनशिकायत, विवेचना और अपराध नियंत्रण बने पैमाना
एसएसपी कार्यालय की ओर से किए गए इस मूल्यांकन में निवारक कार्रवाई, जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, लंबित विवेचनाओं की गुणवत्ता, अपराध नियंत्रण, जनसंपर्क और चौकी स्तर पर पुलिसिंग की प्रभावशीलता जैसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को आधार बनाया गया। प्रत्येक चौकी प्रभारी के कार्य का आंकड़ों और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर आकलन किया गया।

टॉप-10 को सम्मान, कमजोर प्रदर्शन वालों को चेतावनी
बेहतर कार्य करने वाले 10 चौकी प्रभारियों को सम्मानित कर पुलिस विभाग में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का संदेश दिया गया। वहीं दूसरी ओर कैंट, सुभाषनगर, नवाबगंज, कोतवाली, आंवला, अलीगंज और सिरौली थाना क्षेत्रों की कुछ चौकियों के प्रभारियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया। ऐसे 10 चौकी प्रभारियों को चेतावनी जारी करते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मूल्यांकन के दौरान सुभाषनगर थाना क्षेत्र की करगैना चौकी के प्रभारी राजेंद्र सिंह सिरोही की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
SSP बोले- बेहतर पुलिसिंग के लिए जरूरी है स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि पुलिसकर्मियों के कार्य का नियमित मूल्यांकन और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने से बेहतर कार्य संस्कृति विकसित होती है। इससे पुलिस बल में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और जनता को अधिक प्रभावी, संवेदनशील तथा जवाबदेह पुलिस सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से जनसेवा और कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।


