बहादुरगढ़ क्षेत्र में किसानों के खेतों से होकर निकाली जा रही हाईटेंशन बिजली लाइन को लेकर विवाद गहरा गया है। बालौर, नया गांव बिरबरक्तबाद और लोवा खुर्द के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया हैं। क्षेत्र के तीन गांवों के किसानों का आरोप है कि 132 केवी नूना माजरा-भदानी लाइन से बनाए जा रहे 132 केवी सब स्टेशन आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र तक बिजली लाइन पहुंचाने के लिए उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों के बीच से हाईटेंशन लाइन गुजरने से खेती-बाड़ी प्रभावित होगी, जमीन की कीमत कम होगी और भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे भी पैदा होंगे। उनका आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग ने किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया और न ही अभी तक उचित मुआवजे को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है। वह अपनी मांगों को लेकर किसान बहादुरगढ़ के एसडीएम अभिनव सिवाच से भी मिले है। किसानों ने मांग रखी कि बिजली लाइन को खेतों से निकालने के बजाय बहादुरगढ़ बाईपास की ग्रीन बेल्ट से होकर ले जाया जाए, जिससे किसानों की जमीन सुरक्षित रह सके और परियोजना का कार्य भी प्रभावित न हो। एसडीएम अभिनव सिवाच ने किसानों को नियमों के तहत उचित मुआवजे संबंधी प्रक्रिया पर विचार करने की बात जरूर कही गई थी, लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और आने वाले दिनों में यह मामला और गर्मा सकता है।


