चंडीगढ़ में पेड पार्किंग के बढेंगे रेट:बाजारों में टाइम के हिसाब से पर्ची की तैयारी, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम होगा लागू

चंडीगढ़ में पेड पार्किंग के बढेंगे रेट:बाजारों में टाइम के हिसाब से पर्ची की तैयारी, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम होगा लागू

चंडीगढ़ में पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम शहर की पार्किंग साइट्स को चार ऑपरेशनल जोन में बांटकर नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत प्रमुख कमर्शियल और अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जबकि स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने की भी तैयारी हैं। निगम के अधिकारी शहर की मौजूदा पार्किंग व्यवस्था, स्मार्ट पार्किंग सिस्टम और नए टेंडर ड्राफ्ट की समीक्षा कर रहे है। सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 से शुरूआत सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों के लिए संशोधित दरों पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, क्योंकि यह पार्किंग अक्सर खाली रहती है। ई-टिकटिंग की होगी सुविधा नगर निगम ने पार्किंग व्यवस्था के लिए नया टेंडर ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें ई-टिकटिंग, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी। बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।

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