पूर्णिया में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना में केस दर्ज कराया है। पूरा मामला रूपौली से जुड़ा है। मृतका की पहचान कटिहार जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र के वसवार मलिनिया गांव निवासी विमला देवी 45 के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय शंकर मंडल की पत्नी थीं। मृतका की बेटी वीणा कुमारी ने भवानीपुर थाना में दिए आवेदन में बताया कि मां को इलाज के लिए लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रात गए ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद अस्पताल की ओर से कहा गया कि यहां ICU की सुविधा नहीं है, इसलिए मरीज को तुरंत पूर्णिया ले जाना होगा। परिजन बोले- भवानीपुर अस्पताल में ही हो गई थी महिला की मौत आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर अपनी गाड़ी से महिला को पूर्णिया लेकर गए, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत भवानीपुर अस्पताल में ही हो चुकी थी। मामले को दबाने और खुद को बचाने के लिए डॉक्टर उसे पूर्णिया लेकर गए। पूर्णिया पहुंचने के बाद डॉक्टर मरीज को छोड़कर चले गए। बाद में परिजन एम्बुलेंस किराये पर लेकर शव को वापस भवानीपुर लाए। आवेदन में हॉस्पिटल के मुख्य संस्थापक अमित कुमार और ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर पूजा रानी समेत अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों ने कहा है कि इलाज और ऑपरेशन में भारी लापरवाही बरती गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। भवानीपुर थानाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि मृतका की बेटी के आवेदन पर केस दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्णिया में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इससे नाराज परिजनों ने प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना में केस दर्ज कराया है। पूरा मामला रूपौली से जुड़ा है। मृतका की पहचान कटिहार जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र के वसवार मलिनिया गांव निवासी विमला देवी 45 के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय शंकर मंडल की पत्नी थीं। मृतका की बेटी वीणा कुमारी ने भवानीपुर थाना में दिए आवेदन में बताया कि मां को इलाज के लिए लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रात गए ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद अस्पताल की ओर से कहा गया कि यहां ICU की सुविधा नहीं है, इसलिए मरीज को तुरंत पूर्णिया ले जाना होगा। परिजन बोले- भवानीपुर अस्पताल में ही हो गई थी महिला की मौत आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर अपनी गाड़ी से महिला को पूर्णिया लेकर गए, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत भवानीपुर अस्पताल में ही हो चुकी थी। मामले को दबाने और खुद को बचाने के लिए डॉक्टर उसे पूर्णिया लेकर गए। पूर्णिया पहुंचने के बाद डॉक्टर मरीज को छोड़कर चले गए। बाद में परिजन एम्बुलेंस किराये पर लेकर शव को वापस भवानीपुर लाए। आवेदन में हॉस्पिटल के मुख्य संस्थापक अमित कुमार और ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर पूजा रानी समेत अन्य सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों ने कहा है कि इलाज और ऑपरेशन में भारी लापरवाही बरती गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। भवानीपुर थानाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि मृतका की बेटी के आवेदन पर केस दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।


