पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति का आज चुनाव है। सात सदस्यों के लिए 75 पार्षद गुप्त मतदान करेंगे। सात उम्मीदवार सुनीता देवी, जय प्रकाश, रजनी सिन्हा, पिंकी यादव, जीत कुमार, विनोद कुमार, मुन्ना जायसवाल के नाम पर पक्ष और विपक्ष में सहमति बनी है। इसमें प्रत्याशी 2:5 रेशियो से खड़े होंगे, जिसमें से 2 प्रत्याशी मेयर गुट और बाकी 5 विपक्षी गुट के हैं। दोनों खेमों के बीच समन्वय बनाकर देर रात भाजपा जिलाध्यक्ष ने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नामांकन से लेकर निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने तक की पूरी कार्यवाही एक ही दिन में पूरी कर ली जाएगी। बिहार विधानसभा सत्र के दौरान गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था अभी तक मेयर, मुख्य पार्षद या अध्यक्ष अपनी पसंद से सदस्यों को नामित करते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया गया है। समिति के सदस्यों का चुनाव निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इसकी जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे। बिहार नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस संशोधन के अध्यादेश पर कैबिनेट ने पहले ही मुहर लगा दी थी। छह महीने के भीतर सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए निर्वाचन कराने की प्रक्रिया पूरी करने की बात थी। जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि नगर विकास विभाग समय-समय पर मतदान की कार्रवाई से संबंधित प्रक्रिया के बारे में दिशा-निर्देश जारी कर सकेगा। जानिए क्या होता है सशक्त स्थायी समिति बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत सशक्त स्थायी समिति नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) की सर्वोच्च कार्यकारी निकाय होती है। यह निकाय के सभी वित्तीय, प्रशासनिक और विकास कार्यों के संचालन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार और शक्तिशाली होती है। सशक्त स्थायी समिति की बैठक महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बुलाई जाती है, जिसकी अध्यक्षता मेयर या अध्यक्ष करते हैं। सशक्त स्थायी समिति का मुख्य काम और शक्तियां प्रशासनिक नियंत्रण: नगरपालिका प्रशासन मुख्य रूप से सशक्त स्थायी समिति के निगरानी और मार्गदर्शन में चलता है। नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी इसी समिति के अधीन रहकर कार्य करते हैं। वित्तीय अधिकार: निकाय के बजट प्रस्तावों को तैयार करना, वित्तीय स्वीकृतियां देना और आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना इसी समिति का कार्य है। टेंडर और अनुबंध: विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए टेंडर (निविदा) पास करने और अनुबंध करने का अंतिम अधिकार इसी के पास होता है। योजना और नीति निर्माण: शहर के विकास, स्वच्छता, जलापूर्ति, सड़क निर्माण और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना। नियम और उप-विधियां: नगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत शहर के सुचारू संचालन के लिए उप-विधियां बनाने का प्रस्ताव तैयार करना। कर और शुल्क निर्धारण: विभिन्न नागरिक सेवाओं, व्यापार लाइसेंस और संपत्ति कर का प्रस्ताव तैयार कर लागू करना। पटना नगर निगम की सशक्त स्थाई समिति का आज चुनाव है। सात सदस्यों के लिए 75 पार्षद गुप्त मतदान करेंगे। सात उम्मीदवार सुनीता देवी, जय प्रकाश, रजनी सिन्हा, पिंकी यादव, जीत कुमार, विनोद कुमार, मुन्ना जायसवाल के नाम पर पक्ष और विपक्ष में सहमति बनी है। इसमें प्रत्याशी 2:5 रेशियो से खड़े होंगे, जिसमें से 2 प्रत्याशी मेयर गुट और बाकी 5 विपक्षी गुट के हैं। दोनों खेमों के बीच समन्वय बनाकर देर रात भाजपा जिलाध्यक्ष ने उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नामांकन से लेकर निर्वाचित सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने तक की पूरी कार्यवाही एक ही दिन में पूरी कर ली जाएगी। बिहार विधानसभा सत्र के दौरान गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था अभी तक मेयर, मुख्य पार्षद या अध्यक्ष अपनी पसंद से सदस्यों को नामित करते थे, लेकिन अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल दिया गया है। समिति के सदस्यों का चुनाव निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा, जिससे इसकी जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे। बिहार नगरपालिका (संशोधन) अध्यादेश, 2025 का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया था। इस संशोधन के अध्यादेश पर कैबिनेट ने पहले ही मुहर लगा दी थी। छह महीने के भीतर सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए निर्वाचन कराने की प्रक्रिया पूरी करने की बात थी। जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि नगर विकास विभाग समय-समय पर मतदान की कार्रवाई से संबंधित प्रक्रिया के बारे में दिशा-निर्देश जारी कर सकेगा। जानिए क्या होता है सशक्त स्थायी समिति बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत सशक्त स्थायी समिति नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) की सर्वोच्च कार्यकारी निकाय होती है। यह निकाय के सभी वित्तीय, प्रशासनिक और विकास कार्यों के संचालन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार और शक्तिशाली होती है। सशक्त स्थायी समिति की बैठक महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से बुलाई जाती है, जिसकी अध्यक्षता मेयर या अध्यक्ष करते हैं। सशक्त स्थायी समिति का मुख्य काम और शक्तियां प्रशासनिक नियंत्रण: नगरपालिका प्रशासन मुख्य रूप से सशक्त स्थायी समिति के निगरानी और मार्गदर्शन में चलता है। नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी इसी समिति के अधीन रहकर कार्य करते हैं। वित्तीय अधिकार: निकाय के बजट प्रस्तावों को तैयार करना, वित्तीय स्वीकृतियां देना और आय-व्यय का लेखा-जोखा रखना इसी समिति का कार्य है। टेंडर और अनुबंध: विकास कार्यों, निर्माण परियोजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए टेंडर (निविदा) पास करने और अनुबंध करने का अंतिम अधिकार इसी के पास होता है। योजना और नीति निर्माण: शहर के विकास, स्वच्छता, जलापूर्ति, सड़क निर्माण और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना। नियम और उप-विधियां: नगरपालिका अधिनियम के अंतर्गत शहर के सुचारू संचालन के लिए उप-विधियां बनाने का प्रस्ताव तैयार करना। कर और शुल्क निर्धारण: विभिन्न नागरिक सेवाओं, व्यापार लाइसेंस और संपत्ति कर का प्रस्ताव तैयार कर लागू करना।


