इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर की गई तोड़फोड़ को लेकर अब राजनीतिक विरोध तेज होने लगा है। जनहित पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए इसके विरोध में शनिवार शाम 7 बजे ‘न्याय रैली’ निकालने की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि बिना सहमति और बिना उचित मुआवजा दिए लोगों के घर और दुकानें तोड़ी गईं। पार्टी का कहना है कि इंदौर की 136 साल पुरानी छावनी बसाहट को विकास के नाम पर मलबे में तब्दील कर दिया गया। आरोप लगाया गया कि कार्रवाई इतनी जल्दबाजी में की गई कि लोगों को अपने घरों से सामान तक निकालने का समय नहीं मिला। जबकि कई रहवासियों के पास संपत्तियों की वैध रजिस्ट्री मौजूद है। पार्टी ने दावा किया कि नियमानुसार प्रभावित लोगों को कम से कम सात दिन का समय दिया जाना चाहिए था, लेकिन केवल दो दिन पहले सूचना देकर भारी पुलिस बल और मशीनों के साथ तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। आरोप यह भी लगाया गया कि जहां 10 फीट तक निर्माण हटाया जाना था, वहां कई जगहों पर 20 फीट तक मकान तोड़ दिए गए। शहर के पुराने और बसे-बसाए क्षेत्र जैसे बियाबानी, गणेशगंज, खजूरी बाजार और शीतला माता बाजार पहले ही विकास प्रोजेक्ट की भेंट चढ़ चुके हैं। अब और पुराने क्षेत्रों को नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी के कार्यकर्ता शनिवार शाम 7 बजे न्याय रैली निकालकर नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करेंगे। रैली में प्रमुख मांगें पार्टी ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहरहित में आगे आएं और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं, क्योंकि यदि लोग चुप रहे तो भविष्य में अन्य क्षेत्रों को भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


