बेगूसराय के युवक का गुरुग्राम में आत्महत्या मामला, FIR दर्ज:सीनियर पर शोषण का आरोप, ब्लैकमेलिंग-बिहारी कहकर प्रताड़ित करने का आरोप

बेगूसराय के युवक का गुरुग्राम में आत्महत्या मामला, FIR दर्ज:सीनियर पर शोषण का आरोप, ब्लैकमेलिंग-बिहारी कहकर प्रताड़ित करने का आरोप

गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में कार्यरत बेगूसराय के रहने वाले राम पुकार यादव ने 17 मई को आत्महत्या किया था। इन्होंने दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर सुसाइड की थी। अब इसमें एफआईआर दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कपासहेड़ा थाने में BNS की धारा- 108 के तहत मुख्य आरोपी सुपरवाइजर देवेन्द्र सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 4 साल से शोषण करने का आरोप मृतक के भाई पंकज कुमार ने FIR दर्ज कराया है। जिसमें कहा गया है कि रामपुकार का शोषण 2022 से चल रहा था। जब राम पुकार और मुख्य आरोपी देवेन्द्र डूंडाहेड़ा में एक साथ कमरा साझा करते थे, तब देवेन्द्र ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर राम पुकार को बेहोश कर दिया। उसके साथ जबरन अप्राकृतिक यौन शोषण किया। इसके बाद आरोपी उसे सामाजिक बदनामी की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने लगा। जुलाई 2023 के बाद आरोपी देवेन्द्र पैसों की मांग पर उतर आया। उसने धमकी दी कि उसके रिश्तेदार हरियाणा पुलिस में हैं, वह उसके हाथ-पैर तुड़वा देगा या उठवा लेगा। इस खौफ के कारण राम पुकार ने पार्ट-टाइम काम करके कमाए 5 लाख रुपया आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपी ने राम पुकार पर लड़की की व्यवस्था करने का दबाव बनाया और उसकी पत्नी को बिहार से दिल्ली बुलाकर उसके साथ जबरन संबंध बनाने की धमकी दी। सामाजिक अपमान ने तोड़ दिया था सुसाइड नोट में क्षेत्रीय पहचान को लेकर किए जाने वाले मानसिक उत्पीड़न का भी दर्द है। आरोपी देवेन्द्र अक्सर राम पुकार को सार्वजनिक रूप से बिहारी कहकर अपमानित करता था। उसने बिहार की महिलाओं को लेकर अत्यंत अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम हरियाणा वालों का इंटरनेशनल ससुराल है, तुम्हारे यहां से बिहारन को खरीदकर लाते है। इस सामाजिक अपमान ने राम पुकार को भीतर से पूरी तरह तोड़ दिया था। FIR के अनुसार राम पुकार ने इस प्रताड़ना और विभाग बदलने को लेकर अपने मैनेजर नितिन सिंह, एडमिनिस्ट्रेशन के पंकज मिश्रा और HR विभाग से कई बार गुहार लगाई थी। लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय उसे उसी दमघोंटू माहौल में काम करने के लिए मजबूर किया। कंपनी की इस प्रशासनिक लापरवाही ने भी उसे मौत के मुंह में धकेलने का काम किया। पुलिसिया कार्रवाई और जांच के बिंदु कपासहेड़ा थाना पुलिस के सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि 17 मई को दोपहर करीब 12:05 बजे मकान संख्या 114, दूसरी मंजिल, गली नंबर 5 स्थित कमरे में राम पुकार का शव प्लास्टिक की रस्सी से पंखे से लटका मिला था। क्राइम और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके का मुआयना किया है। डीडीयू (DDU) अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है। मृतक का मोबाइल फोन, चैट और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का फॉरेंसिक सत्यापन कराया जा रहा है। कंपनी परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच हो रही है। इस पूरे मामले में कंपनी के HR और प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी। गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में कार्यरत बेगूसराय के रहने वाले राम पुकार यादव ने 17 मई को आत्महत्या किया था। इन्होंने दिल्ली के कपासहेड़ा इलाके में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर सुसाइड की थी। अब इसमें एफआईआर दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस ने कपासहेड़ा थाने में BNS की धारा- 108 के तहत मुख्य आरोपी सुपरवाइजर देवेन्द्र सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 4 साल से शोषण करने का आरोप मृतक के भाई पंकज कुमार ने FIR दर्ज कराया है। जिसमें कहा गया है कि रामपुकार का शोषण 2022 से चल रहा था। जब राम पुकार और मुख्य आरोपी देवेन्द्र डूंडाहेड़ा में एक साथ कमरा साझा करते थे, तब देवेन्द्र ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर राम पुकार को बेहोश कर दिया। उसके साथ जबरन अप्राकृतिक यौन शोषण किया। इसके बाद आरोपी उसे सामाजिक बदनामी की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल और शारीरिक-मानसिक उत्पीड़न करने लगा। जुलाई 2023 के बाद आरोपी देवेन्द्र पैसों की मांग पर उतर आया। उसने धमकी दी कि उसके रिश्तेदार हरियाणा पुलिस में हैं, वह उसके हाथ-पैर तुड़वा देगा या उठवा लेगा। इस खौफ के कारण राम पुकार ने पार्ट-टाइम काम करके कमाए 5 लाख रुपया आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपी ने राम पुकार पर लड़की की व्यवस्था करने का दबाव बनाया और उसकी पत्नी को बिहार से दिल्ली बुलाकर उसके साथ जबरन संबंध बनाने की धमकी दी। सामाजिक अपमान ने तोड़ दिया था सुसाइड नोट में क्षेत्रीय पहचान को लेकर किए जाने वाले मानसिक उत्पीड़न का भी दर्द है। आरोपी देवेन्द्र अक्सर राम पुकार को सार्वजनिक रूप से बिहारी कहकर अपमानित करता था। उसने बिहार की महिलाओं को लेकर अत्यंत अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम हरियाणा वालों का इंटरनेशनल ससुराल है, तुम्हारे यहां से बिहारन को खरीदकर लाते है। इस सामाजिक अपमान ने राम पुकार को भीतर से पूरी तरह तोड़ दिया था। FIR के अनुसार राम पुकार ने इस प्रताड़ना और विभाग बदलने को लेकर अपने मैनेजर नितिन सिंह, एडमिनिस्ट्रेशन के पंकज मिश्रा और HR विभाग से कई बार गुहार लगाई थी। लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेने के बजाय उसे उसी दमघोंटू माहौल में काम करने के लिए मजबूर किया। कंपनी की इस प्रशासनिक लापरवाही ने भी उसे मौत के मुंह में धकेलने का काम किया। पुलिसिया कार्रवाई और जांच के बिंदु कपासहेड़ा थाना पुलिस के सब-इंस्पेक्टर विजय सिंह ने बताया कि 17 मई को दोपहर करीब 12:05 बजे मकान संख्या 114, दूसरी मंजिल, गली नंबर 5 स्थित कमरे में राम पुकार का शव प्लास्टिक की रस्सी से पंखे से लटका मिला था। क्राइम और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके का मुआयना किया है। डीडीयू (DDU) अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है। मृतक का मोबाइल फोन, चैट और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का फॉरेंसिक सत्यापन कराया जा रहा है। कंपनी परिसर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच हो रही है। इस पूरे मामले में कंपनी के HR और प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की जाएगी।  

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