Suriya-Trisha Karuppu was dismissed by Madras HC: सूर्या और तृशा कृष्णन की सुपरहिट फिल्म ‘करुप्पु‘ दुनियाभर में 250 करोड़ रुपये से ज्यादा कमाने के बाद एक कानूनी विवाद में फंस गई थी। मद्रास हाई कोर्ट में इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग करते हुए एक PIL दाखिल की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया और ऐसी बात कही जो इतिहास में दर्ज हो गई।
न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचा है
चेन्नई के वकील RS तमिलवेंडन ने ये PIL दाखिल करते हुए कहा कि फिल्म में एक भ्रष्ट जज और एक गलत वकील को दिखाया गया है जिससे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचा है और उन्होंने दावा किया कि फिल्म न्यायपालिका की अवमानना है और थिएटर और OTT दोनों पर इसे बैन होना चाहिए।
Madras HC की वेकेशन बेंच ने इस PIL को सुनने से साफ इनकार कर दिया। बेंच ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका में भ्रष्टाचार होने से इनकार नहीं कर सकता। कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसे “काले लोगों” को वे नियमित रूप से बाहर का रास्ता दिखाते हैं। साथ ही, बेंच ने सबसे अहम बात ये कही, “जज पवित्र गाय नहीं हो सकता है, वे आलोचना से ऊपर नहीं हैं।” इस पर कोर्ट ने माना कि न्यायिक कामकाज की आलोचना आत्मनिरीक्षण और सुधार के लिए स्वस्थ है। बेंच ने ये भी कहा कि फिल्ममेकर को कलात्मक स्वतंत्रता का अधिकार है और वो चीजों को अपने अंदाज में पेश कर सकता है। इसके साथ ही, एक जज ने ये भी बताया कि उन्होंने ये फिल्म खुद थिएटर में देखी थी और फिल्म में जो दिखाया गया है वो बेहद नाटकीय है, जैसे तमिल फिल्मों में हीरो अकेले दर्जन भर विलेन को हरा देता है।
फिल्म की कहानी
RJ बालाजी के डायरेक्शन में बनी ‘करुप्पु’ में सूर्या एक रक्षक देवता करुप्पुस्वामी के रोल में हैं जो एडवोकेट सरवनन का रूप लेकर ये साबित करना चाहते हैं कि सही तरीकों से भी न्याय दिलाया जा सकता है। बता दें, फिल्म में भ्रष्ट वकीलों और जज को दिखाया गया है जो रिश्वत के लिए आंखें मूंद लेते हैं। फिल्म ‘करुप्पु’ 15 मई को मिली-जुली समीक्षाओं के साथ रिलीज हुई थी लेकिन ये 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्म बन गई है। प्रोडक्शन हाउस की आर्थिक परेशानियों के बावजूद फिल्म ने बड़ा मुकाम हासिल किया।


