बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीवेश कुमार मिश्रा इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसी निजी कोचिंग सेंटर के कक्षा में छात्र-छात्राओं को कैमिस्ट्री पढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं। पढ़ाते समय किसी ने वीडियो को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। विधायक का यह अनोखा अंदाज लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी जमकर चर्चा हो रही है। वीडियो में विधायक जीवेश मिश्रा हरे रंग के कुर्ते और बंडी पहने हुए क्लास रूम में बच्चों के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। वे छात्र-छात्राओं से सामान्य नमक और पानी का रासायनिक सूत्र पूछते हैं। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ उनके सवालों का सही जवाब दिया। छात्रों की तैयारी देखकर विधायक काफी प्रसन्न हुए और मुस्कुराते हुए कहा, “आज हम भी पास कर जाएंगे, अगर सही पढ़ा रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने स्वयं मार्कर उठाकर ब्लैकबोर्ड पर पानी का रासायनिक सूत्र H₂O और सोडियम क्लोराइड का फॉर्मूला लिखा। साथ ही बच्चों को पानी के अणु (मॉलिक्यूल) और रासायनिक अभिक्रियाओं की बुनियादी जानकारी बेहद सरल भाषा में समझाया। इस दौरान छात्र-छात्राएं भी पूरी रुचि के साथ उनकी बातें सुनते और सवालों के जवाब देते नजर आए। विधायक को शिक्षक की भूमिका में देखकर कई बच्चे आश्चर्यचकित भी दिखे। पहले भी कई बार स्कूलों में ले चुके हैं क्लास स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहला अवसर नहीं है, जब विधायक जीवेश मिश्रा बच्चों को पढ़ाते हुए दिखाई दिए हों। वे पहले भी कई स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सवाल-जवाब करते रहे हैं। पढ़ाई का स्तर जांचने के साथ-साथ वे छात्रों का उत्साहवर्धन भी करते हैं। शिक्षा के प्रति उनकी यह रुचि क्षेत्र में पहले से चर्चा का विषय रही है। बचपन के संघर्ष ने जगाया पढ़ाने का जुनून वायरल वीडियो पर मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक जीवेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पढ़ने और पढ़ाने में विशेष रुचि रही है। उन्होंने कहा कि जब वे सिर्फ 11 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों के बीच उन्होंने होम ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई पूरी की। यही कारण है कि शिक्षा और विद्यार्थियों से उनका विशेष लगाव आज भी बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद करते हैं और उन्हें पढ़ाते हैं। इससे उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है और विद्यार्थियों को भी कुछ नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े रहने का प्रयास विधायक ने कहा कि राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद वे अपने विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों से जुड़े रहते हैं। समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेते हैं और शिक्षकों व छात्रों से सीधे संवाद करते हैं। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो न केवल एक जनप्रतिनिधि के अलग रूप को सामने ला रहा है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के साथ उनके जुड़ाव की भी झलक दिखा रहा है। फिलहाल विधायक का “गुरुजी अवतार” लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीवेश कुमार मिश्रा इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसी निजी कोचिंग सेंटर के कक्षा में छात्र-छात्राओं को कैमिस्ट्री पढ़ाते हुए नजर आ रहे हैं। पढ़ाते समय किसी ने वीडियो को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। विधायक का यह अनोखा अंदाज लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है और सोशल मीडिया पर इसकी जमकर चर्चा हो रही है। वीडियो में विधायक जीवेश मिश्रा हरे रंग के कुर्ते और बंडी पहने हुए क्लास रूम में बच्चों के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। वे छात्र-छात्राओं से सामान्य नमक और पानी का रासायनिक सूत्र पूछते हैं। बच्चों ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ उनके सवालों का सही जवाब दिया। छात्रों की तैयारी देखकर विधायक काफी प्रसन्न हुए और मुस्कुराते हुए कहा, “आज हम भी पास कर जाएंगे, अगर सही पढ़ा रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने स्वयं मार्कर उठाकर ब्लैकबोर्ड पर पानी का रासायनिक सूत्र H₂O और सोडियम क्लोराइड का फॉर्मूला लिखा। साथ ही बच्चों को पानी के अणु (मॉलिक्यूल) और रासायनिक अभिक्रियाओं की बुनियादी जानकारी बेहद सरल भाषा में समझाया। इस दौरान छात्र-छात्राएं भी पूरी रुचि के साथ उनकी बातें सुनते और सवालों के जवाब देते नजर आए। विधायक को शिक्षक की भूमिका में देखकर कई बच्चे आश्चर्यचकित भी दिखे। पहले भी कई बार स्कूलों में ले चुके हैं क्लास स्थानीय लोगों के अनुसार यह पहला अवसर नहीं है, जब विधायक जीवेश मिश्रा बच्चों को पढ़ाते हुए दिखाई दिए हों। वे पहले भी कई स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से सवाल-जवाब करते रहे हैं। पढ़ाई का स्तर जांचने के साथ-साथ वे छात्रों का उत्साहवर्धन भी करते हैं। शिक्षा के प्रति उनकी यह रुचि क्षेत्र में पहले से चर्चा का विषय रही है। बचपन के संघर्ष ने जगाया पढ़ाने का जुनून वायरल वीडियो पर मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक जीवेश मिश्रा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही पढ़ने और पढ़ाने में विशेष रुचि रही है। उन्होंने कहा कि जब वे सिर्फ 11 साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों के बीच उन्होंने होम ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई पूरी की। यही कारण है कि शिक्षा और विद्यार्थियों से उनका विशेष लगाव आज भी बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद करते हैं और उन्हें पढ़ाते हैं। इससे उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है और विद्यार्थियों को भी कुछ नया सीखने का अवसर प्राप्त होता है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े रहने का प्रयास विधायक ने कहा कि राजनीतिक व्यस्तताओं के बावजूद वे अपने विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों से जुड़े रहते हैं। समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेते हैं और शिक्षकों व छात्रों से सीधे संवाद करते हैं। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो न केवल एक जनप्रतिनिधि के अलग रूप को सामने ला रहा है, बल्कि शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के साथ उनके जुड़ाव की भी झलक दिखा रहा है। फिलहाल विधायक का “गुरुजी अवतार” लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।


