समस्तीपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घर के दरवाजे पर लगी गाड़ी की चोरी से पुलिस परेशान थी। इसी दौरान सिघिंया थाना क्षेत्र के अगरौल गांव में 22 मई की रात करीब दो बजे घर के दरवाजे पर लगी ट्रैक्टर की चोरी हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर बदमाशों के करीब पहुंचने के लिए पुलिस ने डंप विधि का सहारा लिया। जिला पुलिस की टीम ने घटना के वक्त का मोबाइल टावर डंप किया। इस मामले में पुलिस ने आठ बदमाशों को अरेस्ट किया है। ये बाराती बन कर लग्जरी गाड़ी में घूम कर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। 9 मोबाइल फोन के बदल रहे थे लोकेशन सदूर ग्रामीण इलाके में रात के दो बजे 3840 नंबर सक्रिय मिला। जिस पर उस समय बातचीत हो रही थी। जिसमें अधिकतर स्थानीय लोगों का नंबर था। इसी डंप के दौरान पुलिस को 9 मोबाइल फोन ऐसे सक्रिय मिले, जिसका एक साथ टावर लोकेशन बदल रहा था। जांच आगे बढ़ी, तो आठ मोबाइल नंबर वैशाली के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचा, जबकि एक मोबाइल का टावर लोकेशन बेतिया के मुफस्सिल थाने के हैरी टोला में जाकर खत्म हो गया। नंबर गांव के मो. वकील मियां के बेटे अकबर अली का था। पुलिस ने जब अकबर के बारे में बेतिया पुलिस से जानकारी ली, तो पता चला कि वह गाड़ी की चोरी में शामिल रहता है और संदिग्ध व्यक्ति है। जिसके बाद पुलिस की टीम ने बतिया पुलिस के साथ मदद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा बताते है कि अकबर अली के पास से चोरी का ट्रैक्टर भी बरामद हो गया। जिसे बेचने की तैयारी की जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने अपने सभी साथियों का नाम बताया जिसे एक -एक कर वैशाली के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान चोरी की गई गाड़ी भी बरामद हुए। महंगी गाड़ी से करते थे रात में सफर रोसड़ा डीएसपी ने बताया कि चोर अर्टिगा कार का उपयोग करता था। गाड़ी की कीतम करीब 16 लाख के करीब है। इस गाड़ी में दस लोग आराम से बैठ जाते हैं। गाड़ी पर बाराती का स्टिकर लगा लेते थे। ताकि रास्ते में कहीं चेकिंग हो, तो ये लोग अपने को बाराती बताते थे। बाराती के नाम पर किसी भी इलाके में प्रवेश कर जाते थे। इस दौरान भटते हुए कही किसी दरवाजे पर कोई गाड़ी लगा मिलता था, तो टीम में शामिल लोग उसे पहले धकेल कर दूर ले जाते थे, फिर स्टार्ट कर लेकर फरार हो जाते थे। ट्रैक्टर आदि को बिहार में ही दूसरे जिला में बेचते थे। ट्रैक्टर दो से ढाई लाख में बेच देते थे। गाड़ी पर बारात का स्टिकर लगा कर देहाती इलाके में जाना आसान हो जाता था। रोसड़ा डीएसपी ने बताया कि गिरोह में कोई भी स्थानीय बदमाश नहीं है। सभी बाहरी रात में घुमते हुए मौका पाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। यही कारण है कि वह पकड़ में नहीं आ रहे थे। सिघिया पुलिस ने आठ लोगों को किया था गिरफ्तार इस मामले में वेशाली के महनार थाने के करनौती गांव के प्रसाद राय के बेटे यदुनाथ कुमार, जनदाहा थाने के अरनिया गांव के स्व. रामसुरत सिंह के बेटे राज किशोर सिंह,तिसियौता गांव के स्व. अवधेश सिंह के बेटे चंद्र माधव सिंह, पप्पू सिंह, बेतिया के हेरी टोला के वकील मियां के बेटे अकबर अली, महुआ वैशाली के विदेश्वर राय के बेटे विनोद कुमार, मनुआ थाना के लक्ष्मण सिंह के बेटे नागमणि सिंह और महुआ के चतदादन गांव के स्. जगरनाथ सिंह के बेटे प्रभात कुमार को गिरफ्तार किया गया था। समस्तीपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घर के दरवाजे पर लगी गाड़ी की चोरी से पुलिस परेशान थी। इसी दौरान सिघिंया थाना क्षेत्र के अगरौल गांव में 22 मई की रात करीब दो बजे घर के दरवाजे पर लगी ट्रैक्टर की चोरी हो गई। पुलिस ने जांच शुरू की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। फिर बदमाशों के करीब पहुंचने के लिए पुलिस ने डंप विधि का सहारा लिया। जिला पुलिस की टीम ने घटना के वक्त का मोबाइल टावर डंप किया। इस मामले में पुलिस ने आठ बदमाशों को अरेस्ट किया है। ये बाराती बन कर लग्जरी गाड़ी में घूम कर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। 9 मोबाइल फोन के बदल रहे थे लोकेशन सदूर ग्रामीण इलाके में रात के दो बजे 3840 नंबर सक्रिय मिला। जिस पर उस समय बातचीत हो रही थी। जिसमें अधिकतर स्थानीय लोगों का नंबर था। इसी डंप के दौरान पुलिस को 9 मोबाइल फोन ऐसे सक्रिय मिले, जिसका एक साथ टावर लोकेशन बदल रहा था। जांच आगे बढ़ी, तो आठ मोबाइल नंबर वैशाली के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचा, जबकि एक मोबाइल का टावर लोकेशन बेतिया के मुफस्सिल थाने के हैरी टोला में जाकर खत्म हो गया। नंबर गांव के मो. वकील मियां के बेटे अकबर अली का था। पुलिस ने जब अकबर के बारे में बेतिया पुलिस से जानकारी ली, तो पता चला कि वह गाड़ी की चोरी में शामिल रहता है और संदिग्ध व्यक्ति है। जिसके बाद पुलिस की टीम ने बतिया पुलिस के साथ मदद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा बताते है कि अकबर अली के पास से चोरी का ट्रैक्टर भी बरामद हो गया। जिसे बेचने की तैयारी की जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने अपने सभी साथियों का नाम बताया जिसे एक -एक कर वैशाली के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान चोरी की गई गाड़ी भी बरामद हुए। महंगी गाड़ी से करते थे रात में सफर रोसड़ा डीएसपी ने बताया कि चोर अर्टिगा कार का उपयोग करता था। गाड़ी की कीतम करीब 16 लाख के करीब है। इस गाड़ी में दस लोग आराम से बैठ जाते हैं। गाड़ी पर बाराती का स्टिकर लगा लेते थे। ताकि रास्ते में कहीं चेकिंग हो, तो ये लोग अपने को बाराती बताते थे। बाराती के नाम पर किसी भी इलाके में प्रवेश कर जाते थे। इस दौरान भटते हुए कही किसी दरवाजे पर कोई गाड़ी लगा मिलता था, तो टीम में शामिल लोग उसे पहले धकेल कर दूर ले जाते थे, फिर स्टार्ट कर लेकर फरार हो जाते थे। ट्रैक्टर आदि को बिहार में ही दूसरे जिला में बेचते थे। ट्रैक्टर दो से ढाई लाख में बेच देते थे। गाड़ी पर बारात का स्टिकर लगा कर देहाती इलाके में जाना आसान हो जाता था। रोसड़ा डीएसपी ने बताया कि गिरोह में कोई भी स्थानीय बदमाश नहीं है। सभी बाहरी रात में घुमते हुए मौका पाकर चोरी की घटना को अंजाम देते थे। यही कारण है कि वह पकड़ में नहीं आ रहे थे। सिघिया पुलिस ने आठ लोगों को किया था गिरफ्तार इस मामले में वेशाली के महनार थाने के करनौती गांव के प्रसाद राय के बेटे यदुनाथ कुमार, जनदाहा थाने के अरनिया गांव के स्व. रामसुरत सिंह के बेटे राज किशोर सिंह,तिसियौता गांव के स्व. अवधेश सिंह के बेटे चंद्र माधव सिंह, पप्पू सिंह, बेतिया के हेरी टोला के वकील मियां के बेटे अकबर अली, महुआ वैशाली के विदेश्वर राय के बेटे विनोद कुमार, मनुआ थाना के लक्ष्मण सिंह के बेटे नागमणि सिंह और महुआ के चतदादन गांव के स्. जगरनाथ सिंह के बेटे प्रभात कुमार को गिरफ्तार किया गया था।


