University of Allahabad के विधि विभाग की सहायक आचार्य डॉ प्रज्ञा मिश्रा को केमैन आइलैंड्स में होने वाले अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन में वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन 4 से 6 नवंबर 2026 तक ग्रैंड केमैन में आयोजित होगा। “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेग्रिटी एंड ज्यूडिशियल वेल-बीइंग” नामक यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनओडीसी और केमैन आइलैंड्स की न्यायपालिका के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसमें न्यायपालिका से जुड़े नैतिकता, जवाबदेही और न्यायाधीशों के मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस सम्मेलन में दुनिया भर के न्यायाधीश, विधि विशेषज्ञ और न्यायिक अधिकारी शामिल होंगे। डॉ. प्रज्ञा मिश्रा कानून, न्यूरोसाइंस, आपराधिक न्यायशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों पर शोध कर रही हैं। वह अमेरिका के नोवा इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ के “सेंटर फॉर जस्टिस एंड मेंटल वेल-बीइंग” से भी जुड़ी हैं। डॉ. मिश्रा अब तक तीन पुस्तकें और 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुकी हैं। उनकी कई रिसर्च अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके शोध कार्य को विश्व प्रसिद्ध एमआईटी टेक्नोलॉजी रिव्यू में भी जगह मिल चुकी है। उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली से पीएचडी की है और अपनी पढ़ाई के दौरान 12 स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। इस उपलब्धि पर डॉ. प्रज्ञा मिश्रा ने खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें वैश्विक मंच पर भारत के अकादमिक और विधिक दृष्टिकोण को रखने का अवसर मिलेगा।


