नूंह पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और अफवाह फैलाने के प्रयासों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि बकरीद से एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक युवक के दोनों पैरों में गोली लगने की अफवाह तेजी से फैलाई गई। कुछ व्यक्तियों ने बिना पुष्टि के यह दावा किया कि एक विशेष संगठन के कार्यकर्ताओं ने युवक को गोली मारी है। यह पोस्ट तेजी से वायरल हुई, जिससे जिले में तनाव का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर फैलाई भ्रामक जानकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए नूंह पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और घटनाक्रम की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह झूठी, भ्रामक और तथ्यहीन थी। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों की पहचान शुरू की, जो लगातार भड़काऊ पोस्ट और उकसावे वाली टिप्पणियां साझा कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के निर्देश पर सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को तेज किया गया। इसी कार्रवाई के तहत गुरुवार को गजरपुर, थाना रोजकामेव निवासी 28 वर्षीय आजीब खान और बेरी निवासी मोहसिन को हिरासत में लिया गया है। इन दोनों पर फेसबुक पर भड़काऊ टिप्पणी और उकसावे वाली पोस्ट करने का आरोप है, जिसके लिए उन्हें धारा 172(2) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है। भड़काऊ पोस्ट लिखने वालों को पुलिस की चेतावनी नूंह पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने, धार्मिक भावनाएं भड़काने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी खबर या पोस्ट को बिना सत्यापन के साझा न करें और केवल प्रशासन तथा पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।


