PM मोदी से मिले मंत्री विजय सिन्हा:कृषि विकास पर हुई चर्चा; राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में फसल, किसानों की आय बढ़ाने पर होगा मंथन

PM मोदी से मिले मंत्री विजय सिन्हा:कृषि विकास पर हुई चर्चा; राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में फसल, किसानों की आय बढ़ाने पर होगा मंथन

बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने आज नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। कृषि मंत्री बनने के बाद विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री मोदी से यह पहली औपचारिक मुलाकात रही। मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार के कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। विकसित बिहार और कृषि क्षेत्र को लेकर हुई चर्चा प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद विजय सिन्हा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि “विकसित बिहार, विकसित भारत” के संकल्प को कृषि क्षेत्र में साकार करने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सकारात्मक और प्रेरणादायी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन और कृषि-क्रांति के प्रति उनका समर्पण देशभर के किसानों और जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। दिल्ली में कृषि मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन पर नजर दिल्ली में शुक्रवार को देश के सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन से पहले आज कृषि विभाग के सचिवों की बैठक भी आयोजित होने वाली है जिसमें कृषि उत्पादन, तकनीक, सिंचाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी ।बिहार की ओर से कृषि मंत्री विजय सिन्हा भी इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में विजय सिन्हा ने कहा कि बैठक में खरीफ फसल, जिसे बिहार में शारदीय फसल कहा जाता है, उस पर विशेष रूप से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे हो, खेती की लागत कैसे कम की जाए और उपज को कैसे बढ़ाया जाए, इस दिशा में विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा, बिहार में करीब 76 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में कृषि क्षेत्र को मजबूत करना राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार सम्मेलन में राज्य की जरूरतों और किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। बयान पर उठे विवाद को लेकर दी सफाई इसी बीच अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर भी विजय सिन्हा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर में आयोजित लीची संगम और लीची महोत्सव के दौरान किसानों ने उन्हें बताया था कि भीषण गर्मी के कारण लीची के मंजर खराब हो गए, उत्पादन घट गया और फलों पर दाग पड़ गए। विजय सिन्हा ने कहा कि उसी संदर्भ में उन्होंने यह बात कही थी कि पहले उनकी पढ़ाई किसी दूसरे क्षेत्र में थी, लेकिन अब कृषि को गहराई से समझने और सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी केवल किताबों का विषय नहीं है, बल्कि इसे जमीन पर समझना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक के रूप में पढ़ाने का एक अलग तरीका होता है, लेकिन कृषि के क्षेत्र में किसानों के अनुभवों से सीखना अधिक महत्वपूर्ण है। विजय सिन्हा ने कहा कि वह आगे भी इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, जैविक खेती, कृषि आधारित उद्योग और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। युवाओं और महिला उद्यमियों को कृषि से जोड़कर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी। राजनीतिक हलकों में विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात को बिहार में कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने आज नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री आवास पर दोनों नेताओं के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। कृषि मंत्री बनने के बाद विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री मोदी से यह पहली औपचारिक मुलाकात रही। मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार के कृषि क्षेत्र से जुड़े बड़े संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। विकसित बिहार और कृषि क्षेत्र को लेकर हुई चर्चा प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद विजय सिन्हा ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि “विकसित बिहार, विकसित भारत” के संकल्प को कृषि क्षेत्र में साकार करने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सकारात्मक और प्रेरणादायी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन और कृषि-क्रांति के प्रति उनका समर्पण देशभर के किसानों और जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा। दिल्ली में कृषि मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन पर नजर दिल्ली में शुक्रवार को देश के सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन से पहले आज कृषि विभाग के सचिवों की बैठक भी आयोजित होने वाली है जिसमें कृषि उत्पादन, तकनीक, सिंचाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी ।बिहार की ओर से कृषि मंत्री विजय सिन्हा भी इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में विजय सिन्हा ने कहा कि बैठक में खरीफ फसल, जिसे बिहार में शारदीय फसल कहा जाता है, उस पर विशेष रूप से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे हो, खेती की लागत कैसे कम की जाए और उपज को कैसे बढ़ाया जाए, इस दिशा में विचार-विमर्श होगा। उन्होंने कहा, बिहार में करीब 76 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में कृषि क्षेत्र को मजबूत करना राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार सम्मेलन में राज्य की जरूरतों और किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। बयान पर उठे विवाद को लेकर दी सफाई इसी बीच अपने हालिया बयान को लेकर उठे विवाद पर भी विजय सिन्हा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर में आयोजित लीची संगम और लीची महोत्सव के दौरान किसानों ने उन्हें बताया था कि भीषण गर्मी के कारण लीची के मंजर खराब हो गए, उत्पादन घट गया और फलों पर दाग पड़ गए। विजय सिन्हा ने कहा कि उसी संदर्भ में उन्होंने यह बात कही थी कि पहले उनकी पढ़ाई किसी दूसरे क्षेत्र में थी, लेकिन अब कृषि को गहराई से समझने और सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी केवल किताबों का विषय नहीं है, बल्कि इसे जमीन पर समझना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक के रूप में पढ़ाने का एक अलग तरीका होता है, लेकिन कृषि के क्षेत्र में किसानों के अनुभवों से सीखना अधिक महत्वपूर्ण है। विजय सिन्हा ने कहा कि वह आगे भी इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, जैविक खेती, कृषि आधारित उद्योग और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। युवाओं और महिला उद्यमियों को कृषि से जोड़कर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी। राजनीतिक हलकों में विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात को बिहार में कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  

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