प्रशासनिक कार्रवाई-छापेमारी के बावजूद खनन:किशनगंज में जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार संलिप्त,ग्रामीण बोले-माफिया बेखौफ;कोई डर नहीं

प्रशासनिक कार्रवाई-छापेमारी के बावजूद खनन:किशनगंज में जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार संलिप्त,ग्रामीण बोले-माफिया बेखौफ;कोई डर नहीं

किशनगंज के कोल्हा पंचायत अंतर्गत टुपामारी इलाके में अवैध बालू खनन का कारोबार लगातार जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई और छापेमारी के बावजूद बालू माफिया खुलेआम नदी से खनन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध खनन में एक जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार संलिप्त हैं। माफिया अब रात के अंधेरे का इंतजार नहीं करते, बल्कि दिनदहाड़े दर्जनों जुगाड़ नावों के सहारे नदी से बालू निकालने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, टुपामारी क्षेत्र में यह अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है। कार्रवाइयों का असर कुछ दिनों तक रहता पूर्व में प्रशासन द्वारा कई बार छापेमारी अभियान चलाकर अवैध बालू ढोने वाली नावें जब्त की गई थीं और कुछ को नष्ट भी किया गया। हालांकि, इन कार्रवाइयों का असर कुछ दिनों तक ही सीमित रहा। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए खनन रुकता है, लेकिन फिर पहले से अधिक तेजी से अवैध कारोबार शुरू हो जाता है। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक नावें दिन-रात इस धंधे में लगी हुई हैं। माफियाओं को नेताओं का संरक्षण प्राप्त ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि आखिर इन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो लगातार प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि बिना किसी प्रभावशाली संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं है। सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान इस अवैध बालू खनन से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, पर्यावरण और नदी तट की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी कटाव रोकने के लिए बनाए गए बांध को भी बालू माफियाओं ने नुकसान पहुंचाया है, जिससे भविष्य में बाढ़ और भू-कटाव की आशंका बढ़ गई है। जलस्तर प्रभावित होने से आसपास के गांवों पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर इन बेलगाम बालू माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। किशनगंज के कोल्हा पंचायत अंतर्गत टुपामारी इलाके में अवैध बालू खनन का कारोबार लगातार जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई और छापेमारी के बावजूद बालू माफिया खुलेआम नदी से खनन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध खनन में एक जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार संलिप्त हैं। माफिया अब रात के अंधेरे का इंतजार नहीं करते, बल्कि दिनदहाड़े दर्जनों जुगाड़ नावों के सहारे नदी से बालू निकालने में जुटे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, टुपामारी क्षेत्र में यह अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है। कार्रवाइयों का असर कुछ दिनों तक रहता पूर्व में प्रशासन द्वारा कई बार छापेमारी अभियान चलाकर अवैध बालू ढोने वाली नावें जब्त की गई थीं और कुछ को नष्ट भी किया गया। हालांकि, इन कार्रवाइयों का असर कुछ दिनों तक ही सीमित रहा। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए खनन रुकता है, लेकिन फिर पहले से अधिक तेजी से अवैध कारोबार शुरू हो जाता है। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक नावें दिन-रात इस धंधे में लगी हुई हैं। माफियाओं को नेताओं का संरक्षण प्राप्त ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि आखिर इन माफियाओं को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो लगातार प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। इलाके में यह चर्चा भी तेज है कि बिना किसी प्रभावशाली संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं है। सरकार को लाखों का राजस्व नुकसान इस अवैध बालू खनन से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, पर्यावरण और नदी तट की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, नदी कटाव रोकने के लिए बनाए गए बांध को भी बालू माफियाओं ने नुकसान पहुंचाया है, जिससे भविष्य में बाढ़ और भू-कटाव की आशंका बढ़ गई है। जलस्तर प्रभावित होने से आसपास के गांवों पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि आखिर इन बेलगाम बालू माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।  

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