कार्ड में 3-सिलेंडर की एंट्री… ऐप में 10 बार डिलीवरी:फर्जी डिलीवरी दिखाकर सिलेंडर बाहर बेचा, विनोद भारत गैस एजेंसी के संचालक के खिलाफ FIR

कार्ड में 3-सिलेंडर की एंट्री… ऐप में 10 बार डिलीवरी:फर्जी डिलीवरी दिखाकर सिलेंडर बाहर बेचा, विनोद भारत गैस एजेंसी के संचालक के खिलाफ FIR

बिलासपुर में गैस सिलेंडर की फर्जी डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ताओं के नाम पर धोखाधड़ी और कूटरचना का मामला सामने आया है। विनोद गैस एजेंसी (भारत गैस) के संचालक ने उपभोक्ता को बिना सिलेंडर दिए ही मोबाइल ऐप पर उसकी डिलीवरी और कैश पेमेंट एंट्री कर दिया। जब पीड़ित उपभोक्ता ने अपने स्तर पर जांच की, तो पता चला कि उसके नाम पर अब तक 10 बार फर्जी तरीके से सिलेंडर निकाले जा चुके हैं। जबकि, उसे केवल तीन सिलेंडर ही मिले है। शिकायत पर पुलिस ने एजेंसी संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार तोरवा के शांति विहार निवासी मनीष मिश्रा (33) पिता केके मिश्रा का भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (भारत गैस) में घरेलू गैस कनेक्शन है। मनीष ने बीते 12 मार्च 2026 को अपने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग की थी। कई दिन बीत जाने के बाद भी जब सिलेंडर उनके घर नहीं पहुंचा, तो उन्होंने भारत गैस के ऑफिशियल मोबाइल ऐप पर अपनी बुकिंग का स्टेटस चेक किया। स्टेटस देखकर वह हैरान रह गया। ऐप में दर्ज था कि सिलेंडर 18 मार्च 2026 को डिलीवर्ड हो चुका है और 1002 रुपए का भुगतान (कैश ऑन डिलीवरी) भी प्राप्त हो चुका है। जबकि वास्तविकता यह थी कि मनीष को कोई सिलेंडर मिला ही नहीं था। ऐसे हुआ बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा
पीड़ित उपभोक्ता मनीष मिश्रा ने जब अपने गैस ग्राहक कार्ड (डोमेस्टिक गैस कंज्यूमर कार्ड) और मोबाइल ऐप के रिकॉर्ड का मिलान किया, तो एक बड़े फर्जीवाड़े की परतें खुल गईं। नियमानुसार गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उसे कार्ड में दर्ज करना अनिवार्य होता है। मनीष के गैस कार्ड में केवल तीन डिलीवरी अंकित हैं, जो क्रमशः 12 अगस्त 2025, 3 नवंबर 2025 और 25 फरवरी 2026 को ली गई थीं। इसके उलटा, जब उन्होंने मोबाइल ऐप की हिस्ट्री निकाला, तो उसमें अलग-अलग तारीखों में लगभग 10 बार गैस सिलेंडर की डिलीवरी होना दर्शाया गया था। यानी करीब 7 गैस सिलेंडरों को कूटरचित तरीके से मनीष के नाम पर फर्जी डिलीवरी दिखाकर बाजार में खपाया गया या उसका दुरुपयोग किया गया। पीड़ित उपभोक्ता की शिकायत पर एजेंसी संचालक पर एफआईआर
पीड़ित उपभोक्ता ने आशंका जताई है कि एजेंसी संचालक और डिलीवरी कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी डिलीवरी दिखाकर सिलेंडर खुले बाजार में बेचे गए। इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों और सरकारी रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। उपभोक्ता के नाम पर इस तरह फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर धोखाधड़ी किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए तारबहार पुलिस ने विनोद गैस एजेंसी और उससे जुड़े जिम्मेदार डिलीवरी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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