लखीसराय जिले के पुरानी बाजार स्थित ईदगाह में गुरुवार को ईद-उल-जुहा (बकरीद) का पर्व उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह परिसर में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। नए और पारंपरिक परिधानों में पहुंचे लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की। इस दौरान देश में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश पूरे इलाके में सौहार्द और आपसी प्रेम का माहौल देखने को मिला। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह था। इस अवसर पर उलेमाओं ने ईद-उल-जुहा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला पर्व बताया। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। वरीय अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का जायजा लिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। परंपरा के अनुसार लोगों ने कुर्बानी की रस्म भी अदा की। दिनभर शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर बकरीद की बधाई दी और आपसी रिश्तों को मजबूत किया। लखीसराय जिले के पुरानी बाजार स्थित ईदगाह में गुरुवार को ईद-उल-जुहा (बकरीद) का पर्व उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाह परिसर में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। नए और पारंपरिक परिधानों में पहुंचे लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की। इस दौरान देश में अमन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश पूरे इलाके में सौहार्द और आपसी प्रेम का माहौल देखने को मिला। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह था। इस अवसर पर उलेमाओं ने ईद-उल-जुहा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे त्याग, इंसानियत और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला पर्व बताया। उन्होंने लोगों से जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में भाईचारा बनाए रखने की अपील की। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। ईदगाह परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। वरीय अधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का जायजा लिया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। परंपरा के अनुसार लोगों ने कुर्बानी की रस्म भी अदा की। दिनभर शहर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर बकरीद की बधाई दी और आपसी रिश्तों को मजबूत किया।


