नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत पांचवीं और छठीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी पहल होने जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो हिंदी और गणित विषय में कमजोर हैं, उनके लिए आगामी एक जून से ‘समर कैंप’ का संचालन किया जाएगा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में उम्र और वर्ग के अनुसार जरूरी दक्षता विकसित करना है। कैंप के माध्यम से बच्चों को धारा प्रवाह हिंदी पढ़ने-लिखने के योग्य बनाने और गणित में संख्या पहचान सहित बुनियादी गणितीय समझ को सरल तरीके से विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा सेवक और स्वयंसेवी संभालेंगे कमान समर कैंप के सफल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। इसकी मुख्य जिम्मेदारी शिक्षा सेवकों, तालीमी मरकज के कर्मियों और स्थानीय स्वयंसेवियों को सौंपी जाएगी। शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज के कर्मी इस कैंप का संचालन अपने तय केंद्रों पर ही करेंगे। अन्य स्वयंसेवियों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अलग से स्थान चिह्नित किए जाएंगे। इस पूरे अभियान के संचालन में ‘प्रथम’ संस्था के प्रतिनिधि भी अपना सहयोग देंगे। कैंप की मुख्य बातें प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10 से 15 बच्चों को शामिल किया जाएगा। बच्चों को रोजाना एक से डेढ़ घंटे की विशेष पढ़ाई करायी जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए कैंप स्थल का चयन बच्चों के निवास स्थान के नजदीक किया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, अधिकारियों की टीम करेगी जांच समग्र शिक्षा के डीपीओ मो. शाहनवाज ने बताया कि समर कैंप को बेहतर ढंग से चलाने के लिए स्वयंसेवियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। साक्षरता विभाग के कर्मी, जिला रिसोर्स पर्सन (DRP) और प्रखंड नोडल पर्सन की ओर से ट्रेनिंग दी जाएगी। समर कैंप की व्यवस्था और संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया जाएगा। जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी इन कैंपों का नियमित औचक निरीक्षण करेंगे। नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत पांचवीं और छठीं कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी पहल होने जा रही है। ऐसे विद्यार्थी जो हिंदी और गणित विषय में कमजोर हैं, उनके लिए आगामी एक जून से ‘समर कैंप’ का संचालन किया जाएगा। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में उम्र और वर्ग के अनुसार जरूरी दक्षता विकसित करना है। कैंप के माध्यम से बच्चों को धारा प्रवाह हिंदी पढ़ने-लिखने के योग्य बनाने और गणित में संख्या पहचान सहित बुनियादी गणितीय समझ को सरल तरीके से विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा सेवक और स्वयंसेवी संभालेंगे कमान समर कैंप के सफल संचालन के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। इसकी मुख्य जिम्मेदारी शिक्षा सेवकों, तालीमी मरकज के कर्मियों और स्थानीय स्वयंसेवियों को सौंपी जाएगी। शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज के कर्मी इस कैंप का संचालन अपने तय केंद्रों पर ही करेंगे। अन्य स्वयंसेवियों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अलग से स्थान चिह्नित किए जाएंगे। इस पूरे अभियान के संचालन में ‘प्रथम’ संस्था के प्रतिनिधि भी अपना सहयोग देंगे। कैंप की मुख्य बातें प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 10 से 15 बच्चों को शामिल किया जाएगा। बच्चों को रोजाना एक से डेढ़ घंटे की विशेष पढ़ाई करायी जाएगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए कैंप स्थल का चयन बच्चों के निवास स्थान के नजदीक किया जाएगा, ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े। मिलेगा विशेष प्रशिक्षण, अधिकारियों की टीम करेगी जांच समग्र शिक्षा के डीपीओ मो. शाहनवाज ने बताया कि समर कैंप को बेहतर ढंग से चलाने के लिए स्वयंसेवियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। साक्षरता विभाग के कर्मी, जिला रिसोर्स पर्सन (DRP) और प्रखंड नोडल पर्सन की ओर से ट्रेनिंग दी जाएगी। समर कैंप की व्यवस्था और संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया जाएगा। जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी इन कैंपों का नियमित औचक निरीक्षण करेंगे।


