जींद के नव दुर्गा स्कूल में लाखों रुपए की धोखाधड़ी:इस्तीफा दे चुके पदाधिकारियों ने रिकॉर्ड चुराया; फर्जी मोहर बना कर हड़पी राशि, केस दर्ज

जींद के नव दुर्गा स्कूल में लाखों रुपए की धोखाधड़ी:इस्तीफा दे चुके पदाधिकारियों ने रिकॉर्ड चुराया; फर्जी मोहर बना कर हड़पी राशि, केस दर्ज

जींद शहर के रोहतक रोड पर स्थित नव दुर्गा सीनियर सेकेंडरी स्कूल और नव दुर्गा एजुकेशन सोसाइटी में एक धोखाधड़ी और आर्थिक गबन का मामला सामने आया है। आरोप है संस्था से इस्तीफा दे चुके पूर्व पदाधिकारियों ने न केवल स्कूल की फर्जी मोहर तैयार की, बल्कि बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं, मान्यता के मूल दस्तावेज और कैश बुक भी चोरी कर ली। अवैध रूप से बच्चों से फीस के रुपए भी वसूले। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। राम नगर, रोहतक रोड (जींद) के रहने वाले शिव नारायण भारद्वाज (अध्यक्ष, नव दुर्गा एजुकेशन सोसाइटी) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी सोसाइटी इस स्कूल का प्रबंधन संभालती है। उन्होंने बताया कि राम नगर के रहने वाले बंसी लाल (पूर्व सचिव), मीना रानी (पूर्व कैशियर) और कमलेश रानी (पूर्व कार्यकारी सदस्य) ने 3 जून 2025 को अपने पदों से विधिवत इस्तीफा दे दिया था। लेकिन इस्तीफे के बाद भी ये लोग खुद को सोसाइटी का असली पदाधिकारी बताकर अवैध रूप से काम करते रहे। रिकॉर्ड हड़पा, फर्जी मोहर से की धोखाधड़ी शिकायत के मुताबिक, पूर्व कैशियर मीना रानी ने सोसाइटी की कैश बुक, रसीद बुक और डे बुक जैसे जरूरी प्रशासनिक व वित्तीय दस्तावेज अवैध रूप से अपने पास दबा रखे हैं, जिससे किसी बड़े वित्तीय घोटाले की आशंका है। वहीं, पूर्व सचिव बंसी लाल ने स्कूल की नकली मोहर (सील) तैयार कर ली और उसका गलत इस्तेमाल करने लगा। हद तो तब हो गई जब बंसी लाल ने अपने भाई मदन मोहन कौशिक (पूर्व प्राचार्य) के साथ मिलकर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाएं और स्कूल की मान्यता के असली कागजात ही चोरी कर लिए। अवैध रूप से वसूली फीस, इंस्टाग्राम पर फैलाई अफवाह आरोप है कि अक्टूबर 2025 से बंसी लाल, मदन मोहन कौशिक, अजमेर बस्ती (भिवानी रोड) की रहने वाली आशा (कैशियर प्राथमिक विंग) और विवेक कौशिक ने मिलकर छात्रों से अवैध रूप से फीस के रुपए वसूलना शुरू कर दिया और संस्था के पैसों का गबन किया। इसके बाद आरोपी विवेक कौशिक ने 7 फरवरी 2026 को इंस्टाग्राम पर एक झूठी अफवाह फैला दी कि स्कूल की मान्यता समाप्त हो गई है। इस वजह से नए बच्चों ने दाखिला नहीं लिया और पुराने बच्चे भी स्कूल छोड़ गए, जिससे संस्था को भारी आर्थिक व सामाजिक नुकसान हुआ। जब इन लोगों को ऐसा करने से रोका गया, तो इन्होंने अध्यक्ष और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। एसपी के आदेश और जांच के बाद मामला दर्ज इस मामले की शिकायत पहले जींद के पुलिस अधीक्षक को दी गई थी। एसपी के आदेश पर जिला आर्थिक अपराध शाखा ने पूरे मामले की गहनता से जांच की। इसके बाद कोर्ट के एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी) से कानूनी राय ली गई। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच और एडीए की राय के बाद 27 मई 2026 को थाना शहर जींद में पुलिस ने बंसी लाल, मीना रानी, कमलेश रानी, आशा, मदन मोहन कौशिक और विवेक कौशिक के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत केस रजिस्टर कर लिया है।

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