आरा शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बिहार ग्रामीण पुलिस के जवान की पत्नी की मौत हो गई। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और सड़क पर खड़े होकर बिल्डिंग पर रोड़ेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रख जाम कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। सूचना मिलते ही नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन और मृतका के परिजनों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। घटना नवादा थाना क्षेत्र स्थित पकड़ी गैस एजेंसी के पास की है। इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत मृतका की पहचान बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के नवाडीह निवासी सुरेंद्र यादव की पत्नी लाखमुनी देवी(47) के रूप में हुई है। मृतका के बेटे शंकर यादव ने बताया कि16 मई को मां का बायां पैर टूट गया था, जिसके बाद पहले शाहपुर स्थित केशर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने आरा रेफर कर दिया। यहां प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया। बुधवार की शाम ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी। सभी जांच रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी। ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के दौरान डॉक्टरों ने बेहोशी का इंजेक्शन दिया, जिसके कुछ देर बाद उनकी मां की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। लापरवाही के चलते गई जान शंकर यादव ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मौत के कारणों के बारे में पूछताछ की तो अस्पताल कर्मियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मां की जान गई है। अगर जांच रिपोर्ट सामान्य थी तो ऑपरेशन से पहले अचानक ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई। इसी बात को लेकर परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। घर में मचा कोहराम लाखमुनी देवी अपने पीछे पांच बेटियां किरण, संजू, कंचन, नीतू, निशु और एक पुत्र शंकर यादव को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति सुरेंद्र यादव बिहार ग्रामीण पुलिस में कार्यरत हैं और बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में तैनात हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आरा शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बिहार ग्रामीण पुलिस के जवान की पत्नी की मौत हो गई। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ और सड़क पर खड़े होकर बिल्डिंग पर रोड़ेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रख जाम कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। सूचना मिलते ही नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन और मृतका के परिजनों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। घटना नवादा थाना क्षेत्र स्थित पकड़ी गैस एजेंसी के पास की है। इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत मृतका की पहचान बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के नवाडीह निवासी सुरेंद्र यादव की पत्नी लाखमुनी देवी(47) के रूप में हुई है। मृतका के बेटे शंकर यादव ने बताया कि16 मई को मां का बायां पैर टूट गया था, जिसके बाद पहले शाहपुर स्थित केशर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने आरा रेफर कर दिया। यहां प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराया। बुधवार की शाम ऑपरेशन की तैयारी चल रही थी। सभी जांच रिपोर्ट सामान्य बताई गई थी। ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के दौरान डॉक्टरों ने बेहोशी का इंजेक्शन दिया, जिसके कुछ देर बाद उनकी मां की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। लापरवाही के चलते गई जान शंकर यादव ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मौत के कारणों के बारे में पूछताछ की तो अस्पताल कर्मियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मां की जान गई है। अगर जांच रिपोर्ट सामान्य थी तो ऑपरेशन से पहले अचानक ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हो गई। इसी बात को लेकर परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। घर में मचा कोहराम लाखमुनी देवी अपने पीछे पांच बेटियां किरण, संजू, कंचन, नीतू, निशु और एक पुत्र शंकर यादव को छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पति सुरेंद्र यादव बिहार ग्रामीण पुलिस में कार्यरत हैं और बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में तैनात हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


