पूर्णिया में कॉलेज की छत गिरने से दबा मजदूर:हथौड़ा पड़ते ही भरभराकर गिरा जर्जर ढांचा, बिना परमिशन के चल रहा था तोड़फोड़

पूर्णिया में कॉलेज की छत गिरने से दबा मजदूर:हथौड़ा पड़ते ही भरभराकर गिरा जर्जर ढांचा, बिना परमिशन के चल रहा था तोड़फोड़

पूर्णिया महिला कॉलेज में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलेज परिसर में एक जर्जर भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में छत तोड़ने का काम कर रहा एक मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत किसी तरह मजदूर को बाहर निकाला और इलाज के लिए भेजा। हैरानी की बात यह है कि कॉलेज प्रशासन ने इस भवन को तोड़ने की कोई आधिकारिक अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद भी कॉलेज परिसर में जर्जर मकान को तोड़ा जा रहा था। घायल मजदूर की पहचान रामदास यादव के रूप में हुई है। मजदूर ने आरोप लगाया कि उसे जबरन काम पर लगाया गया था। घायल मजदूर रामदास यादव ने बताया कि बुधवार सुबह इम्तियाज नामक व्यक्ति उसे काम के लिए बुलाकर कॉलेज परिसर लाया था। उसने पहले ही जर्जर छत पर चढ़ने से मना किया था, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। जैसे ही वह हथौड़े से छत तोड़ने के लिए ऊपर चढ़ा, पूरी छत अचानक नीचे गिर गई और वह मलबे में दब गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर उसकी जान बचाई। घटना के बाद ठेकेदार पक्ष की ओर से भी बड़ा बयान सामने आया है। ठेकेदार के केयरटेकर इम्तियाज ने स्वीकार किया कि वह बबलू ठेकेदार के निर्देश पर भवन को तुड़वा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। वहीं कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उसने किसी को भी तोड़फोड़ की अनुमति नहीं दी थी। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर अनंत प्रसाद गुप्ता ने कहा कि भवन की छत काफी जर्जर जरूर थी, लेकिन अभी तक उसकी तोड़ाई को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया था। बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति कॉलेज परिसर में आकर भवन कैसे तोड़ रहा था। प्रिंसिपल ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। पूर्णिया महिला कॉलेज में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कॉलेज परिसर में एक जर्जर भवन की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में छत तोड़ने का काम कर रहा एक मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत किसी तरह मजदूर को बाहर निकाला और इलाज के लिए भेजा। हैरानी की बात यह है कि कॉलेज प्रशासन ने इस भवन को तोड़ने की कोई आधिकारिक अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बाद भी कॉलेज परिसर में जर्जर मकान को तोड़ा जा रहा था। घायल मजदूर की पहचान रामदास यादव के रूप में हुई है। मजदूर ने आरोप लगाया कि उसे जबरन काम पर लगाया गया था। घायल मजदूर रामदास यादव ने बताया कि बुधवार सुबह इम्तियाज नामक व्यक्ति उसे काम के लिए बुलाकर कॉलेज परिसर लाया था। उसने पहले ही जर्जर छत पर चढ़ने से मना किया था, लेकिन उसकी बात नहीं मानी गई। जैसे ही वह हथौड़े से छत तोड़ने के लिए ऊपर चढ़ा, पूरी छत अचानक नीचे गिर गई और वह मलबे में दब गया। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह मलबा हटाकर उसकी जान बचाई। घटना के बाद ठेकेदार पक्ष की ओर से भी बड़ा बयान सामने आया है। ठेकेदार के केयरटेकर इम्तियाज ने स्वीकार किया कि वह बबलू ठेकेदार के निर्देश पर भवन को तुड़वा रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। वहीं कॉलेज प्रशासन का दावा है कि उसने किसी को भी तोड़फोड़ की अनुमति नहीं दी थी। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर अनंत प्रसाद गुप्ता ने कहा कि भवन की छत काफी जर्जर जरूर थी, लेकिन अभी तक उसकी तोड़ाई को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया था। बिना अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति कॉलेज परिसर में आकर भवन कैसे तोड़ रहा था। प्रिंसिपल ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।  

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