Food Security Scheme: देश के राशन सिस्टम में AI की एंट्री, 25,530 करोड़ रुपये की स्कीम को मिली मंजूरी, 80 करोड़ लोगों पर असर

Food Security Scheme: देश के राशन सिस्टम में AI की एंट्री, 25,530 करोड़ रुपये की स्कीम को मिली मंजूरी, 80 करोड़ लोगों पर असर

Sarthak PDS Scheme: देश का फूड सिक्योरिटी नेटवर्क यानी राशन सिस्टम अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। सरकार इसे नया रूप देने की तैयारी में है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने बुधवार को 25,530 करोड़ रुपये की ‘सार्थक पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का असर सीधे उन करीब 80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा, जो सरकारी राशन योजना का फायदा लेते हैं।

PDS सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव

कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सिर्फ कोई नई स्कीम नहीं, बल्कि पूरे PDS सिस्टम में बड़ा ढांचागत सुधार है। सरकार का मकसद मौजूदा राशन व्यवस्था को हटाना नहीं, बल्कि उसे ज्यादा तेज, पारदर्शी और असरदार बनाना है।

राशन की ढुलाई से लेकर शिकायत तक सबकुछ होगा स्मार्ट

सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए राशन की सप्लाई, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज को बेहतर बनाया जाएगा। अभी कई राज्यों में राशन पहुंचाने में देरी, गड़बड़ी और लीकेज जैसी शिकायतें आती रहती हैं। अब इन्हें टेक्नोलॉजी के जरिए कम करने की कोशिश होगी। इस योजना को तीन बड़े हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से का काम अलग होगा।

पहला हिस्सा-निर्मल

यह AI आधारित रियल टाइम बेनेफिशियरी रजिस्ट्री होगी। आसान भाषा में समझें तो अलग-अलग सरकारी योजनाओं के डेटा को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे डुप्लीकेट लाभार्थियों की पहचान आसान होगी और सही व्यक्ति तक फायदा पहुंचाने में मदद मिलेगी।

दूसरा हिस्सा- आशा

यह नागरिकों की शिकायत और मदद से जुड़ा प्लेटफॉर्म होगा। इसमें AI आधारित चैटबॉट और वाट्सएप इंटीग्रेशन दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह सिस्टम हर दिन करीब 3 लाख तक शिकायतें और सवाल संभाल सकेगा। यानी लोगों को राशन से जुड़ी दिक्कतों के लिए दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।

तीसरा हिस्सा- सक्षम

यह सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम होगा। इसमें QR कोड ट्रैकिंग, गाड़ियों की लाइव लोकेशन और डिमांड का अनुमान लगाने जैसे फीचर्स शामिल होंगे। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि अनाज कहां से निकला और कहां तक पहुंचा। सरकार का दावा है कि इससे राशन ढुलाई की दूरी में 15 से 50 फीसदी तक कमी आ सकती है। यानी खर्च भी घटेगा और काम भी तेज होगा।

राज्यों को भी होगा फायदा

केंद्र सरकार का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था से राज्य सरकारों को भी राहत मिलेगी। फूड ग्रेन मैनेजमेंट ज्यादा आसान होगा और सप्लाई चेन पहले से बेहतर तरीके से काम करेगी। कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी चर्चा की। सरकार का मानना है कि बदलते मौसम और बढ़ती चुनौतियों के बीच टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम ही भविष्य का रास्ता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *