बिजली के खंभे से टकराई बाइक, युवक की मौत:सिर से निकल रहा था खून, प्राइवेट अस्पताल ने नहीं किया भर्ती

बिजली के खंभे से टकराई बाइक, युवक की मौत:सिर से निकल रहा था खून, प्राइवेट अस्पताल ने नहीं किया भर्ती

नवादा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बीवीपुरा गांव के पास सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन से चकमा खाने के बाद उसकी बाइक एक बिजली के खंभे से टकरा गई थी। गंभीर रूप से घायल करण को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान बीवीपुरा गांव निवासी मनोज बंदी का बेटा करण कुमार(20) के रूप में हुई है। वह अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था और बाजार से सामान लेने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसका काफी खून बह गया था। गंभीर हालत में निजी अस्पताल ने नहीं किया भर्ती

हादसे के बाद करण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने उसे कुछ निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी चिंताजनक हालत को देखते हुए किसी भी निजी अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया।

लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित सदर अस्पताल (सरकारी अस्पताल) तक पहुंचने में काफी समय लग गया। तब तक करण के सिर से अत्यधिक खून बह चुका था। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर सुनील प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड में जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। घर के बड़े बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवादा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बीवीपुरा गांव के पास सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन से चकमा खाने के बाद उसकी बाइक एक बिजली के खंभे से टकरा गई थी। गंभीर रूप से घायल करण को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान बीवीपुरा गांव निवासी मनोज बंदी का बेटा करण कुमार(20) के रूप में हुई है। वह अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था और बाजार से सामान लेने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसका काफी खून बह गया था। गंभीर हालत में निजी अस्पताल ने नहीं किया भर्ती

हादसे के बाद करण को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने उसे कुछ निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी चिंताजनक हालत को देखते हुए किसी भी निजी अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया।

लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित सदर अस्पताल (सरकारी अस्पताल) तक पहुंचने में काफी समय लग गया। तब तक करण के सिर से अत्यधिक खून बह चुका था। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर सुनील प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड में जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। घर के बड़े बेटे की मौत से पूरा परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।  

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