विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को पटना में ठेकेदार रिशु श्री के मीठापुर वाले आवास सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। रिशु श्री पर सरकारी टेंडरों में हेराफेरी और अपनी कंपनी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। SVU की टीम सुबह से ही दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच में जुटी रही। रिशु श्री पर टेंडर के लिए IAS अधिकारियों को विदेश ट्रिप पर भेजना का भी आरोप है। वहीं दरभंगा के केवटी ब्लॉक के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्र मोहन पासवान के अलग-अलग ठिकानों पर EOU की टीम ने दबिश दी है। EOU की टीम ने कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इनमें दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड मुख्यालय स्थित उनका कार्यालय और सरकारी आवास शामिल है। इसके अलावा मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक आवास, सीतामढ़ी में एक ठिकाना तथा दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास पर भी टीम दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच कर रही है। पहले दरभंगा में रेड की कुछ तस्वीरें देखिए रिशु टेंडर के लिए IAS और उनके परिवार को विदेश भेजता था 6 महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक रिपोर्ट में रिशु श्री पर दो भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों (IAS) और उनके परिवारों को यूरोप, ऑस्ट्रेलिया की विदेश यात्राएं कराने का आरोप लगा था। बताया जाता है कि, रिशु श्री ने सरकारी टेंडर दिलाने के बदले 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा के पूरे परिवार की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। इसमें यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च शामिल था। जांच में यह भी सामने आया है कि IAS अभिलाषा शर्मा के घर की छत पर की गई बागवानी पर आया 9 लाख रुपए का खर्च भी रिशु श्री ने ही मैनेज किया था।
मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया था विशेष निगरानी इकाई के ADG पंकज दराद ने ED की चिट्ठी मिलने की पुष्टि की थी। ADG पंकज दराद ने बताया था कि, ‘यह मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया है। उनके अनुमोदन के बाद दोनों IAS अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) होगी।’ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले ही चल रही जांच रिशु श्री पहले से ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत जांच का सामना कर रहे हैं। 25 नवंबर को ED ने अहमदाबाद, सूरत, गुड़गांव और दिल्ली सहित देशभर में उनके 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान ED को 33 लाख रुपए नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण मिले थे। जांच में यह भी संकेत मिला है कि रिशु श्री ने ठेके हासिल करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को मोटी कमीशन दी थी। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को पटना में ठेकेदार रिशु श्री के मीठापुर वाले आवास सहित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। रिशु श्री पर सरकारी टेंडरों में हेराफेरी और अपनी कंपनी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। SVU की टीम सुबह से ही दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच में जुटी रही। रिशु श्री पर टेंडर के लिए IAS अधिकारियों को विदेश ट्रिप पर भेजना का भी आरोप है। वहीं दरभंगा के केवटी ब्लॉक के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंद्र मोहन पासवान के अलग-अलग ठिकानों पर EOU की टीम ने दबिश दी है। EOU की टीम ने कुल छह स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। इनमें दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड मुख्यालय स्थित उनका कार्यालय और सरकारी आवास शामिल है। इसके अलावा मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक आवास, सीतामढ़ी में एक ठिकाना तथा दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास पर भी टीम दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच कर रही है। पहले दरभंगा में रेड की कुछ तस्वीरें देखिए रिशु टेंडर के लिए IAS और उनके परिवार को विदेश भेजता था 6 महीने पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक रिपोर्ट में रिशु श्री पर दो भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों (IAS) और उनके परिवारों को यूरोप, ऑस्ट्रेलिया की विदेश यात्राएं कराने का आरोप लगा था। बताया जाता है कि, रिशु श्री ने सरकारी टेंडर दिलाने के बदले 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा के पूरे परिवार की विदेश यात्रा का खर्च उठाया था। इसमें यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च शामिल था। जांच में यह भी सामने आया है कि IAS अभिलाषा शर्मा के घर की छत पर की गई बागवानी पर आया 9 लाख रुपए का खर्च भी रिशु श्री ने ही मैनेज किया था।
मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया था विशेष निगरानी इकाई के ADG पंकज दराद ने ED की चिट्ठी मिलने की पुष्टि की थी। ADG पंकज दराद ने बताया था कि, ‘यह मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया है। उनके अनुमोदन के बाद दोनों IAS अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) होगी।’ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहले ही चल रही जांच रिशु श्री पहले से ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत जांच का सामना कर रहे हैं। 25 नवंबर को ED ने अहमदाबाद, सूरत, गुड़गांव और दिल्ली सहित देशभर में उनके 9 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान ED को 33 लाख रुपए नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण मिले थे। जांच में यह भी संकेत मिला है कि रिशु श्री ने ठेके हासिल करने के लिए कई विभागों के अधिकारियों को मोटी कमीशन दी थी।


